आजमगढ़ में दो अपंजीकृत अस्पताल सील, तीन को नोटिस; स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी से मचा हड़कंप
आजमगढ़। जिले में स्वास्थ्य विभाग ने अपंजीकृत निजी अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अस्पतालों को सील कर दिया, जबकि तीन अन्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। कार्रवाई बिलरियागंज और बिंद्रा बाजार क्षेत्र में की गई।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को कई स्थानों पर पंजीकरण और चिकित्सा व्यवस्थाओं से संबंधित अनियमितताएं मिलीं। सबसे गंभीर मामला एक ऐसे प्रतिष्ठान का सामने आया, जहां बिना पंजीकरण पांच बेड की एनआईसीयू (NICU) संचालित होने की जानकारी मिली। नवजात शिशुओं के उपचार से जुड़ी इस तरह की सुविधा के लिए निर्धारित मानकों और आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाओं का पालन अनिवार्य है।
सृष्टि चिकित्सालय में मिले चार से पांच बेड
बिलरियागंज स्थित सृष्टि चिकित्सालय का भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। यहां चार से पांच बेड लगे हुए मिले। हालांकि निरीक्षण के समय मौके पर न तो कोई मरीज मौजूद था और न ही अस्पताल का संचालक वहां मिला।
स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया है। विभाग अब अस्पताल के संचालन, पंजीकरण और वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
बिना पंजीकरण अस्पताल संचालन पर सख्ती
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा ने स्पष्ट किया कि जिले में बिना वैध पंजीकरण के किसी भी निजी चिकित्सालय का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों का उपचार करने वाले चिकित्सा प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों का पालन और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों को जिले में अपंजीकृत चिकित्सा प्रतिष्ठानों की जांच और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप
स्वास्थ्य विभाग की लगातार कार्रवाई के बाद ऐसे निजी अस्पताल और चिकित्सा प्रतिष्ठान संचालकों में हड़कंप की स्थिति है, जो आवश्यक पंजीकरण और मानकों के बिना संचालित किए जा रहे हैं। विभाग की टीम आगे भी जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जांच अभियान जारी रख सकती है।
मरीजों से विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी निजी अस्पताल में इलाज कराने से पहले उसके वैध पंजीकरण, डॉक्टरों की उपलब्धता और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी जरूर प्राप्त करें। खासकर नवजात और गंभीर मरीजों को भर्ती कराने से पहले अस्पताल में उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं और मानकों की जांच करना बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता और अपंजीकृत चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


























































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