मतदाता सूची में छोटी गलतियों पर नहीं छीना जाएगा मतदान का अधिकार
•स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश जारी
•शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए जिले में स्थापित होगा कंट्रोल रूम
आजमगढ़। विधान परिषद के खण्ड स्नातक के पांच और खण्ड शिक्षक के छह निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को लेकर मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में लिपिकीय या मुद्रण संबंधी छोटी-मोटी त्रुटियों के कारण किसी भी मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। निर्देशों के अनुसार, मतदान के दिन यदि मतदाता सूची में किसी मतदाता के नाम, विवरण या अन्य प्रविष्टियों में आंशिक लिपिकीय अथवा मुद्रण संबंधी त्रुटियां पाई जाती हैं, तो केवल इन गलतियों के आधार पर उसे मतदान करने से नहीं रोका जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी या लेखन संबंधी त्रुटियों के कारण किसी पात्र मतदाता को अपने मताधिकार से वंचित न होना पड़े। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर पीठासीन अधिकारियों और मतदान कार्मिकों को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जाने को कहा गया है। उन्हें स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि मतदाता सूची में लिपिकीय अथवा मुद्रण संबंधी त्रुटियों के कारण किसी भी मतदाता को मतदान से वंचित नहीं किया जाए। इसके साथ ही जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। मतदाता सूची में त्रुटि या मतदान से संबंधित इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर कंट्रोल रूम तत्काल संज्ञान लेकर उसका निस्तारण सुनिश्चित करेगा। निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी और मतदाता हितैषी बनाने के उद्देश्य से जारी इन निर्देशों से पात्र मतदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का जोर इस बात पर रहेगा कि छोटी-मोटी त्रुटियां मतदान में बाधा न बनें और प्रत्येक पात्र मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिले।


























































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