सर्वेश ICSSR पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए चयनित, ग्रामीण अंचल से राष्ट्रीय शोध के क्षेत्र तक बनाई पहचान।
देवरिया। भाटपार रानी क्षेत्र के ग्राम खरोहवा ठाकुर, पोस्ट भेड़ा पाकड़ निवासी जनार्दन के सुपुत्र डॉ. सर्वेश ने अपनी अकादमिक प्रतिभा और शोध-साधना के बल पर देवरिया के साथ इलाहाबाद विश्वविद्यालय का नाम भी गौरवान्वित किया है। हाल ही में पी-एच.डी. की उपाधि अर्जित करने के बाद उनका चयन भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) की वर्ष 2026-27 की पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए हुआ है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में डॉ. सुजीत कुमार सिंह के निर्देशन में डॉ. सर्वेश ने जुलाई 2026 में “हिंदी कथा साहित्य में किन्नर पात्रों की मनोदशा का सामाजिक अध्ययन” विषय पर अपना डी.फिल./पी-एच.डी. शोधकार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया। उनके शोध में समकालीन हिंदी कथा-साहित्य में किन्नर समुदाय के जीवन, मनोविज्ञान और सामाजिक सरोकारों का अध्ययन किया गया है।
पी-एच.डी. की उपलब्धि के तुरंत बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण अकादमिक अवसर मिला। ICSSR की पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए चयनित डॉ. सर्वेश यादव अब “ध्वनि सिद्धांत के परिप्रेक्ष्य में साकेत महाकाव्य का काव्यशास्त्रीय विवेचन” विषय पर अपना नवीन शोधकार्य करेंगे।
उनके पूर्व शोध का केंद्र जहां सामाजिक और मानवीय सरोकार रहे, वहीं प्रस्तावित पोस्ट डॉक्टोरल शोध भारतीय काव्यशास्त्र, ध्वनि सिद्धांत और मैथिलीशरण गुप्त के प्रसिद्ध महाकाव्य ‘साकेत’ के काव्यशास्त्रीय अध्ययन पर केंद्रित होगा। इससे उनकी शोध-यात्रा सामाजिक विमर्श से भारतीय साहित्यिक एवं काव्यशास्त्रीय चिंतन की गहन परंपरा तक विस्तृत होती दिखाई देती है।
ग्रामीण अंचल से निकलकर उच्च शिक्षा और राष्ट्रीय स्तर के शोध क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले डॉ. सर्वेश की इस उपलब्धि से उनके परिवार, ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणादायी माना जा रहा है।
डॉ. सर्वेश की यह उपलब्धि उनकी निरंतर अध्ययनशीलता, शोध के प्रति समर्पण और हिंदी साहित्य के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उनके चयन पर क्षेत्र के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल शोध भविष्य की कामना की है।


























































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