अस्पताल में DM-SP को राखी बांधकर रो पड़ीं घायल महिलाएं, बोलीं- आज भाई का सहारा मिला
आजमगढ़-गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे हादसे के बाद अस्पताल में दिखा रक्षाबंधन जैसा भावुक नजारा, अधिकारियों ने बहनों को साड़ी व लिफाफा देकर निभाया भाई का फर्ज
आजमगढ़। रक्षाबंधन के पर्व पर आजमगढ़ के मंडलीय जिला चिकित्सालय में उस समय भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जब सड़क हादसे में घायल करीब 20 महिलाओं ने जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की कलाई पर राखी बांधी। राखी बांधते समय कई घायल महिलाएं भावुक होकर रो पड़ीं। अधिकारियों ने भी उन्हें बहन का दर्जा देते हुए उनकी कुशलक्षेम पूछी और हर संभव मदद व स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
दरअसल, आजमगढ़-गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर पवई क्षेत्र में करीब 191.2 किलोमीटर के पास एक पिकअप वाहन के सामने आ जाने के कारण रोडवेज बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में बड़ी संख्या में यात्री घायल हुए। घायलों को तत्काल मंडलीय जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने सुबह अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। इसके बाद पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार दोबारा अस्पताल पहुंचे।
इस दौरान अस्पताल में भर्ती घायल महिलाओं ने अधिकारियों को राखी बांधने की इच्छा जताई। करीब 20 महिलाओं ने DM और SSP की कलाई पर राखी बांधी। राखी बांधते समय कई महिलाएं भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। अधिकारियों ने भी आत्मीयता के साथ उनका हालचाल जाना और भाई का फर्ज निभाते हुए उन्हें साड़ी व लिफाफा भेंट किया। साथ ही उनके शीघ्र स्वस्थ होने और हर संभव सुरक्षा व सहयोग का भरोसा दिया।
मृतकों के परिजनों को 7.5-7.5 लाख की आर्थिक सहायता
जिलाधिकारी के निर्देशन में हादसे में मृत ड्राइवर रजनीकांत तथा एक 50 वर्षीय महिला के परिजनों को परिवहन निगम की ओर से साढ़े सात-साढ़े सात लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। हादसे में घायल यात्रियों को भी प्रशासन की ओर से आर्थिक मदद दी गई।
14 मरीज स्वस्थ होकर घर भेजे गए
प्रशासन के अनुसार हादसे के बाद कुल 34 घायल अस्पताल में भर्ती कराए गए थे। दोपहर करीब 1 बजे तक उपचार के बाद 14 मरीजों के स्वस्थ होने पर उन्हें घर पहुंचा दिया गया, जबकि शेष 20 घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है।
रक्षाबंधन के दिन अस्पताल में हुआ यह भावुक मिलन न केवल प्रशासन और आमजन के बीच संवेदनशील रिश्ते की तस्वीर पेश करता नजर आया, बल्कि हादसे में घायल महिलाओं के लिए भी यह पल भावनात्मक सहारे का माध्यम बन गया।






















































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