66 रक्तवीरों ने किया रक्तदान, मानवता का दिया संदेश
√•AIREF TRUST की जीवन रक्षक मुहिम के तहत बाबू सालार में आयोजित हुआ स्वैच्छिक रक्तदान शिविर
आजमगढ़। ऑल इंडिया रूरल एजुकेशनल फेडरेशन (AIREF TRUST) की ओर से संचालित ‘जीवन रक्षक मुहिम’ के तहत 27 अगस्त को बाबू सालार, महाराजगंज में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर में 66 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता और जीवन बचाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी आजमगढ़ रविन्द्र कुमार (IAS) एवं मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल (IAS) ने दीप प्रज्वलन एवं फीता काटकर किया। इस दौरान सहायक निदेशक कृषि विपणन विभाग ओम प्रकाश तथा जिला परियोजना प्रबंधक (UPDASP) डॉ. महेन्द्र प्रसाद विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा ब्लॉक एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
66 यूनिट रक्त किया गया एकत्र
शिविर में युवाओं, महिलाओं, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। कुल 66 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। रक्तदान करने वाले सभी लोगों को आयोजकों की ओर से प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
मण्डलीय जिला चिकित्सालय, आजमगढ़ की ब्लड बैंक एवं मेडिकल टीम ने रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच करने के बाद सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से रक्त संग्रहण की प्रक्रिया पूरी की।
रक्तदान को बताया सर्वोच्च मानवीय संकल्प
AIREF TRUST के अध्यक्ष प्रेमाशीष भारद्वाज ने रक्तदाताओं, अतिथियों, चिकित्सा विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल रक्त का दान नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति को जीवन देने का सर्वोच्च मानवीय संकल्प है।
उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से ‘जीवन रक्षक मुहिम’ के अंतर्गत भविष्य में भी रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान रक्तदान के माध्यम से सामाजिक एकता और मानवता का संदेश भी दिया गया। आयोजकों ने कहा कि रक्त की न कोई जाति होती है, न धर्म और न ही कोई भाषा। रक्त जरूरतमंद के जीवन को बचाने का माध्यम है।
AIREF TRUST ने लोगों से आह्वान किया कि जो लोग रक्तदान के लिए योग्य हैं, वे आगे आएं और स्वयं रक्तदान करने के साथ ही दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि जीवन रक्षक मुहिम को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाया जा सके।





















































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