रक्षाबंधन का त्योहार 28 को भाई की कलाई पर सजेगी बहन के प्यार की डोर
देवरिया ।सलेमपुर। भारतीय संस्कृति व सभ्यता का प्रमुख पर्व रक्षा बंधन का त्योहार सावन मास के पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।इस बार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर शुरू हो रहा है तथा समापन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर हो रहा है।27 अगस्त को भद्रा काल होने के कारण 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व मनाना श्रेयस्कर होगा। उक्त बातें बताते हुए आचार्य अजय शुक्ल ने कहा कि 28 अगस्त को रक्षा सूत्र बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक है।अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 1 मिनट से दोपहर 1 बजकर 5 मिनट तक का है। वैसे पूरे दिन भद्रा नहीं होने के कारण रक्षा सूत्र बांध सकते हैं।इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करेंगी। वहीं भाई बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार प्रदान करेंगे।
रक्षा बंधन के दिन सुबह स्नान आदि के बाद भगवान की पूजा की जाती है। इसके बाद बहनें भाई को तिलक लगाकर आरती उतारती हैं और उसकी कलाई पर राखी बांधती हैं। भाई बहन को मिठाई खिलाकर उपहार देते हैं तथा जीवनभर उसकी रक्षा करने का संकल्प लेते हैं। यह पर्व केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने का संदेश देता है। रक्षा बंधन भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के प्रेम और आपसी सम्मान का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन परिवार में उत्साह और खुशी का माहौल रहता है।



























































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