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शिक्षकों को मिली कैशलेस इलाज की सौगात, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ

• शिक्षकों को मिली कैशलेस इलाज की सौगात, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ।
राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने 20 शिक्षकों को वितरित किए प्रतीकात्मक मेडिकल कार्ड, कहा- स्वास्थ्य सुरक्षा से शिक्षण व्यवस्था होगी और मजबूत
सुलतानपुर। प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। बुधवार को कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने योजना का शुभारंभ किया और 20 शिक्षकों को प्रतीकात्मक कैशलेस मेडिकल कार्ड वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा यह योजना शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
कार्यक्रम के दौरान वाराणसी से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सीधा प्रसारण भी देखा और सुना गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने प्रदेश के करीब 10 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने मुख्य अतिथि और भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया, जबकि बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बैज अलंकरण कर अतिथियों का अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। इससे उन्हें गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्त होकर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षकों—दिनेश कुमार मौर्य, हैदर अली, संदीप कुमार तिवारी, पंच बहादुर, आशीष मिश्र, रवि तिवारी, जयचंद, सच्चिदानंद गुप्ता, खुर्शीद अहमद, संतोष पाण्डेय, डॉ. कृष्ण देव सिंह, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. दिनेश प्रताप, डॉ. सोमनाथ यादव, जयेश त्रिपाठी, गिरिजा शंकर, शफीक अहमद, हर्षित कुमार, राम सजीवन एवं दिवाकर दुबे—को प्रतीकात्मक कैशलेस मेडिकल कार्ड प्रदान किए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने लगभग 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू किया है, जिसके माध्यम से पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।
राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी लगातार सुदृढ़ बना रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने डीबीटी के माध्यम से 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में प्रति छात्र 1200 रुपये की धनराशि यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी के लिए भेजी है। साथ ही विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार और सुरक्षित शौचालयों का निर्माण भी कराया गया है।
कार्यक्रम के समापन पर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए राज्यमंत्री को स्मृति स्वरूप पौधा भेंट किया। बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह, उपायुक्त नेहा सिंह, शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।


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