संघर्ष से सृजन तक: शिक्षकों ने याद किया न्याय का लंबा सफर
बिलरियागंज आजमगढ़।बिलरियागंज शिक्षा क्षेत्र के अंतर्गत 72825 शिक्षक भर्ती समूह के शिक्षकों ने अपने सेवाकाल के 10 वर्ष पूर्ण होने पर रविवार को समारोह का आयोजन किया। “दस साल बेमिसाल: संघर्ष से सृजन तक” विषय पर आयोजित इस समारोह में शिक्षकों ने नियुक्ति के लिए किए गए लंबे संघर्ष, कानूनी चुनौतियों और बीते दशक में शिक्षा जगत में दिए गए योगदानों को साझा किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2011 में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया विभिन्न कानूनी विवादों के चलते लंबे समय तक अधर में लटकी रही। अंततः सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और ऐतिहासिक आदेश के बाद वर्ष 2015 में नियुक्तियां संभव हो सकीं। वक्ताओं ने उस दौर को याद करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों ने धैर्य, संघर्ष और एकजुटता के बल पर अपने अधिकार की लड़ाई जीती, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत है।शिक्षकों ने चर्चा के दौरान बताया कि नियुक्ति के बाद इस समूह ने बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयास किए। विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने, नवीन शिक्षण पद्धतियों को अपनाने, छात्र संख्या में वृद्धि और छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए कार्यों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।कार्यक्रम की अध्यक्षता एआरपी विजय मिश्र ने करते हुए कहा कि यह समूह अपने संघर्ष और कार्यशैली के कारण विभाग में विशिष्ट पहचान रखता है। कार्यक्रम का संचालन विनोद यादव ने किया।इस अवसर पर सुमी साहू, वंदना राय, सूर्य कुमार राय, राशिद अली, प्रिया सिंह राठौर, अंशु सेन, गरिमा अस्थाना, संतराज यादव, प्रमोद सिंह, अरविंद सिंह और प्रशांत यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।समारोह के अंत में सभी शिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने जहां बीते संघर्षों की याद दिलाई, वहीं भविष्य में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने का संकल्प भी दोहराया।























































Leave a comment