श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुन झुम उठे श्रद्धालु
देवरिया।बरहज तहसील क्षेत्र के ग्राम बारादीक्षित में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा वेदाचार्य एवं भागवत कथाकार गंगाधर शुक्ल द्वारा श्री कृष्ण जन्म जन्मोत्सव की चर्चा करते हुए कहां की भगवान अवतार लेते हैं जन्म नहीं लेते अवतार ग्रहण करने से पहले उन्होंने कंस के कारागार में वासुदेव और देवकी को चतुर्भुज रूप में दर्शन दिया भगवान के करकमलो में शंख चक्र गदा और पदम धारण किए हुए प्रकट हुए और वसुदेव देवकी को पूरी बात उन्होंने बता दी उन्होंने कहा कि भगवान में वासुदेव से कहा कि जब मैं नन्हा सा शिशु बन जाऊं तो आप मुझे नंद बाबा के घर पहुंचा दीजिएगा और वहां से योग माया से अवतरित कन्या को लेकर चले आइएगा भगवान ने जब अवतार लिया तो कंस के कारागार के सारे दरवाजे खुल गए वसुदेव देवकी के हाथों और पैरों की बेड़ियां टूट गई भगवान में शिशु रूप धारण कर लिए भगवान कृष्ण के जन्म होते ही पूरा पंडाल जय श्री कृष्णा जय श्री राम हर हर महादेव से गूंज उठा भगवान कृष्ण की अनुपम झांकी निकल गई लोगों ने झांकी का दर्शन किया फिर आरती हुई हुई एवं प्रसाद वितरण किया गया।
मुख्य यजमान गायत्री दीक्षित अपनी घनश्याम दीक्षित एवं सुमित्रा दीक्षित पत्नी राधेश्याम दीक्षित द्वारा व्यास पीठ का पूजन किया गया ।
कथा के दौरान मुख्य यजमान गायत्री दीक्षित , घनश्याम दीक्षित, सुमित्रा दीक्षित ,राधेश्याम दीक्षित ,सह यजमान उर्मिला दीक्षित ,बाल गोविंद दीक्षित, प्रेमलता दीक्षित, केशव प्रसाद दीक्षित, एमपी दीक्षित, निशिकांत दीक्षित, वीरेंद्र दीक्षित, सुमित रंजन दीक्षित, धर्मेंद्र दीक्षित, रिंकू दिक्षित ,सुशील प्रजापति, पवन गुप्ता ,अनंत दीक्षित, बिट्टू दीक्षित ध्रुवधर जी द्विवेदी, श्याम मिश्रा, विनय मिश्रा, विश्राम शुक्ला सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु जन सम्मिलित रहे।























































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