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विदेश में हैं जमीन का मालिक बैनामा करने पहुंच गए जालसाज सब-रजिस्ट्रार के सवालों पर हकीकत आई सामने, मौके से भागे आरोपी

आजमगढ़। लालगंज तहसील परिसर में मंगलवार की शाम एक फर्जी बैनामा होने से सब-रजिस्ट्रार सुनील कुमार की सजगता के कारण बच गया। घटना की चर्चा बुधवार को तहसील परिसर में जोरों पर रही। जानकारी के अनुसार, तहसील क्षेत्र के सरावां गांव निवासी शिवकुमार, पुत्र रामनरायन, जो रोजी-रोटी के सिलसिले में विदेश में रहते हैं, की जमीन (आराजी नंबर 183, रकबा 1.0820 हेक्टेयर) के उनके आधे हिस्से को 12 लाख रुपये में बेचने का फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया था। दस्तावेज में क्रेता के रूप में सुभाषा देवी, पत्नी ओमप्रकाश (भोजूबीर, वाराणसी) और रामबाबू पटेल, पुत्र मनोज (बनपुरवा, वाराणसी) का नाम था, जबकि गवाहों में छविनाथ, पुत्र मोनू और आकाश यादव, पुत्र राजन (कसड़ा, पतेरवा, राजातालाब, वाराणसी) शामिल थे। लेन-देन 12 लाख रुपये बैंक के माध्यम से दशार्या गया था। मंगलवार शाम को दस्तावेज पंजीकरण के लिए पेश किया गया, लेकिन सब-रजिस्ट्रार सुनील कुमार ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू की। उन्होंने बिक्रेता से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक मांगी। जांच के दौरान पैन कार्ड पुराना निकला और उसमें मौजूद फोटो में बिक्रेता द्वारा पहनी गई शर्ट वही थी, जो कथित बिक्रेता ने उस समय पहन रखी थी। इस पर सब-रजिस्ट्रार ने शर्ट के बारे में सवाल किए, जिससे जालसाजों को शक हुआ और वे धीरे-धीरे बहाना बनाकर मौके से फरार हो गए। क्रेता के मौजूद न होने और समय की कमी के कारण बैनामा पंजीकृत नहीं हो सका। अधिवक्ता ने अगले दिन दस्तावेज पेश करने की बात कहकर दस्तावेज ले लिया। बाद में पता चला कि शिवकुमार विदेश में हैं और बैनामा पूरी तरह फर्जी था। इस घटना में शामिल सभी लोग और अधिवक्ता वाराणसी से आए थे।

 


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