भाई बहन का रिश्ता है अटूट, बना रहे यह बंधन हमेशा खूब।नगर पंचायत समेत ग्रामीण इलाकों में भी धूमधाम से मनाया गया भाई दूज का त्यौहार
अतरौलिया।भाई बहन का रिश्ता है अटूट, बना रहे यह बंधन हमेशा खूब।नगर पंचायत समेत ग्रामीण इलाकों में भी धूमधाम से मनाया गया भाई दूज का त्यौहार।बता दे कि आज भाई दूज का त्योहार है। इसे यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व बहन और भाई के स्नेह का प्रतीक माना गया है। इस लिए आज के दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस त्योहार से ही भाई-बहन का रिश्ता मजबूत होता है। जहां बहन अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती है वहीं, भाई अपनी बहन के मान सम्मान की रक्षा करने का वचन देता है। भाई दूज के साथ ही दिवाली का त्यौहार खत्म हो जाता है और इस दिन गणेश जी, यम, चित्रगुप्त और यमदूतों की पूजा की जाती है वही आज के ही दिन कई घरों में कलम-दवात की पूजा भी की जाती है। आज के दिन घर की बड़ी-बुजुर्ग महिलाओं से पारंपरिक कथाएं भी सुनी जाती हैं। लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि कुछ भाई-बहन एक-दूसरे से दूर होने के चलते यह त्यौहार न मना पाएं होंगे। ऐसे में लोगो ने एक-दूसरे को एक प्यार भरा संदेश मोबाइल से भेजा। पूरे नगर पंचायत में तथा आसपास के ग्रामीण इलाकों में आज भाई दूज की धूम रही बहनों ने अपने भाई के लंबी उम्र की कामना के लिए तिलक लगाया।ऐसी मान्यता है कि यम और यमी की कथा से भाई दूज के त्योहार के महत्व का पता चलता है। यमराज यमी यानी यमुना के घर पर कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन जाते हैं, इसलिए यह यम द्वितीया भी कहा जाता है। यमी उनका तिलक करती हैं और भोजन कराती हैं। प्रस्थान करते समय यम अपनी बहन को दक्षिणा देते हैं और उनकी रक्षा का वचन देते हैं। उन्होंने अपनी बहन को वचन दिया है कि वे हर साल कार्तिक शुक्ल द्वितीया को उनसे मिलने जरूर आएंगे। इस तरह से आज भाई दूज के त्यौहार के साथ ही दीपोत्सव त्यौहार का भी समापन हुआ नगर पंचायत में भाई दूज को लेकर बहनों में काफी उत्साह दिखा तो वहीं ग्रामीण इलाकों में भी बड़े उत्साह के साथ लोगों ने भाई दूज का त्यौहार मनाया।





















































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