National News / राष्ट्रीय ख़बरे

Breaking News : हथियार बंद अपराधियों ने 3 को भूना

आरा /बिहार: बिहार के भोजपुर जिले से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। आरा जंक्शन पर हथियार बंद अपराधियों ने गोली मारकर तीन की निर्मम हत्या कर दिया है। हथियारबंद बादमाशों ने तीन को गोली मारकर हत्या...

Finance Bill 2025 लोकसभा में हुआ पास, किए गए 35 संशोधन


लोकसभा में आज फाइनेंस बिल 2025 (Finance Bill 2025) को 35 सरकारी संशोधनों के साथ पारित कर दिया गया है. इसमें ऑनलाइन विज्ञापनों पर लगने वाले 6 फीसदी डिजिटल टैक्स को समाप्त करने का संशोधन भी श...

भगत सिंह ने फांसी से पहले कहा था: "दुश्मन को यह दिखा दो कि एक क्रांतिकारी कैसे अपने जीवन का अंत करता है!"

भगत सिंह ने फांसी के समय अंग्रेज अधिकारियों से कहा था:

"इन्कलाब जिंदाबाद!"

ऐसा कहा जाता है कि जब उन्हें 23 मार्च 1931 को फांसी दी जा रही थी, तो वे हंस...

भगत सिंह ने अपने छोटे भाई कुलतार सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि.. मां को समझना....

भगत सिंह ने अपने छोटे भाई कुलतार सिंह को 2 फरवरी 1931 को एक मार्मिक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने अपने परिवार को सांत्वना दी और अपने बलिदान को एक उच्च उद्देश्य से जोड़ा। उन्होंने लिखा:

...

भगत सिंह ने 4 अक्टूबर 1930 को अपने पिता, किशन सिंह, को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा था...

भगत सिंह ने 4 अक्टूबर 1930 को अपने पिता, किशन सिंह, को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा था। यह पत्र उस समय लिखा गया जब उनके पिता ने अदालत में याचिका दायर कर उनके लिए दया की अपील की थी। इस पत्र में भगत सिंह...

भगत सिंह का अंतिम पत्र उन्होंने 22 मार्च 1931 को फाँसी से एक दिन पहले लिखा था..

भगत सिंह का अंतिम पत्र उन्होंने 22 मार्च 1931 को फाँसी से एक दिन पहले लिखा था। इस पत्र में उन्होंने अपने विचार, अपने बलिदान का उद्देश्य और समाज के प्रति अपनी आशाएँ व्यक्त की थीं।

गवर्नर ने दी मंजूरी,झारखंड में पुलिस, कक्षपाल, उत्पाद सिपाही की नियुक्ति


रांची: झारखंड में पुलिस बल और अन्य सुरक्षा सेवाओं में बड़े पैमाने पर भर्ती की जाएगी। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पुलिस, कक्षपाल, होमगार्ड, उत्पाद सिपाही संयुक्त भर्ती नियमावली-2025 को स्...

शहीद दिवस | इतिहास रचने वाले तीन महान देश भक्तों की कहानी,देश हमेशा महान क्रांतिकारियों का ऋणी रहेगा

23 March 2025, Shaheed Diwas भारत में 23 मार्च को प्रतिवर्ष शहीद दिवस मनाया जाता है। इस दिन साल 1931 में शहीद-ए-आजम भगत सिंह और उनके दो साथियों सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी गई थी। तीनों महान क्रां...

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