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आजमगढ़ में ‘यूपी संवाद’ में जुटे 150 युवा, विरासत से आर्थिक विकास तक का रोडमैप तैयार

आजमगढ़। जिले के विकास, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और आर्थिक संभावनाओं को लेकर रविवार को होटल गोल्डन फॉर्च्यून, सिविल लाइंस में ‘यूपी डायलॉग’ का आयोजन किया गया। ‘फ्रेंड्स ऑफ यूपी’ पहल के अंतर्गत फ्रेंड्स ऑफ योगी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 150 युवाओं ने हिस्सा लिया। संवाद की थीम ‘आजमगढ़ राइजिंग: हेरिटेज, एजुकेशन, सिक्योरिटी एंड इकोनॉमिक ग्रोथ’ रही।

कार्यक्रम में आजमगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को आर्थिक विकास से जोड़ने, शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने युवाओं से विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

युवाओं को नौकरी मांगने के बजाय रोजगार देने वाला बनने की अपील

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका अब केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रह गई है। विश्वविद्यालय युवाओं के नए विचारों को स्टार्टअप और उद्यमों में बदलने के केंद्र बन रहे हैं।

उन्होंने युवाओं को अपने कौशल, नवाचार और उद्यमशीलता के माध्यम से आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।

ब्लैक पॉटरी और हथकरघा को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर

टेक्नोक्रेट एवं सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ डॉ. ओमकार राय ने आजमगढ़ की पारंपरिक कला और स्थानीय संसाधनों में आर्थिक विकास की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जिले की प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी, हथकरघा और कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, बेहतर ब्रांडिंग तथा बाजार से जोड़कर वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।

उन्होंने कानून-व्यवस्था को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सुरक्षित माहौल में उद्योगों और कारोबार को बढ़ावा मिलता है। स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन और तकनीकी नवाचार पर ध्यान देकर आजमगढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

सरकारी योजनाओं को युवाओं तक पहुंचाने का आह्वान

अध्ययन फाउंडेशन फॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के सीईओ शशांक शेखर सिंह ने उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि आजमगढ़ की छवि और विकास की संभावनाओं को नई दिशा देने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने युवाओं से अभ्युदय योजना, मुद्रा योजना और स्टार्टअप नीति जैसी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने की अपील की, ताकि अधिक से अधिक युवा इनका लाभ उठा सकें और स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों से जुड़ सकें।

आजमगढ़ के विकास को नई दिशा देने पर मंथन

संवाद के दौरान शिक्षा, नवाचार, सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय उद्योगों, कृषि और रोजगार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को जिले की विकास संभावनाओं से जोड़ना और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विचार साझा करना रहा।

कार्यक्रम में डीआरडीए के परियोजना निदेशक सच्चिदानंद प्रसाद सहित बड़ी संख्या में युवा और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन में युवाओं की भागीदारी के माध्यम से आजमगढ़ की विरासत, शिक्षा और आर्थिक विकास को एक साझा रोडमैप से जोड़ने पर जोर दिया गया।


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