घोसी में उत्तरप्रदेश किसानसभा की जिलाकॉउन्सिल की बैठक में 7अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर चर्चा
घोसी।मऊ। उत्तर प्रदेश किसान सभा की जिला कॉउन्सिल की बैठक स्थानीय नगर के बड़ागांव स्थित कैम्प कार्यालय पर रविवार को ज़िलाध्य्क्ष देवेन्द्र प्रसाद मिश्रा की अध्यक्षता मे हुई।जिसमें किसानों की समस्याओं को लेकर आगामी 7 अक्टूबर को विधान सभा के सामने होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने हेतु रणनीति तैयार करते हुए गांव-गांव जाकर किसानों को जोड़ने का निर्णय लिया गया।
बैठक को सम्बोधित करते हुए किसान सभा के प्रदेश मंत्री रामकुमार भारती ने कहा कि किसान महंगाई, महंगे डीजल-खाद-बीज और बिजली के बोझ से परेशान हैं। सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन जब किसान की बात आती है तो चुप्पी साध लेती है। जब तक किसानों की फसल का लाभकारी मूल्य और कृषि से जुड़ी मूलभूत समस्याओं का जब तक हल नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
किसान नेता शेख हिसामुद्दीन ने कहा कि किसान सिर्फ अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की रीढ़ हैं। यदि किसानों को न्याय नहीं मिला तो समाज की बुनियाद कमजोर होगी। आरोप लगाया कि सरकार किसानों को हाशिए पर धकेल रही है।
ज़िलाध्य्क्ष देवेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि किसान सभा किसानों की ताकत है और इसी ताकत से हम अपने हक की लड़ाई जीतेंगे।उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही हमारी असली पूंजी है। जब किसान एकजुट होंगे तभी सरकार उनकी आवाज सुनेगी। अब किसान चुप बैठने वाले नहीं हैं। 7 अक्टूबर को विधान सभा पर होने वाला प्रदर्शन इसका प्रमाण होगा।
भाकपा ज़िला मंत्री राम अवतार सिंह ने आगामी आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव जाकर किसानों को जोड़ने के साथ साथ किसानों की भूमि, सिंचाई, बिजली, खाद, बीज और कर्जमाफी जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से तय हुआ कि किसान सभा अपने अधिकारों की लड़ाई को और तेज करेगी।
बैठक मे मुख्य रूप से रामकुमार भारती, राम नारायन सिंह, शेख हिसामुद्दीन, गुफरान अहमद, पी.एन. सिंह, अनीस अहमद, उदय नारायन राय, मुन्ना यादव, मनोज कुमार, चन्द्रमणि यादव, जमील अहमद, जनार्दन यादव, सुधाकर यादव आदि मौजूद रहे।























































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