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श्रीलंका से भी बदतर हालात पाकिस्तान में,पाक की अकड़ करवा रहा है अपना ही नुकसान

वर्ल्ड न्यूज़ अपडेट्स: दिन ब दिन गरीब से और गरीब होते जा रहे पाकिस्तान की हालत और खराब होती जा रही है। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए अब जरूरत की चीजों को खरीदना मुश्किल होता जा रहा है। इस वजह से पाकिस्तान में जरूरत की चीजों की कीमतें आसमान छू रही है। महंगाई से पाकिस्तान की हालत इतनी बुरी हैकि 20 किलो आटा 3100 रुपये में मिल रहा है। इस आर्थिग तंगी के दौरा पाकिस्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौता है लोगों की जरूरतों को पूरा करना। वहीं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)का प्रतिनिधिमंडल जिनेवा में पाकिस्तान के वित्त मंत्री से मुलाकात क्योंकि पाकिस्तान एक बार फिर बेलआउट पैकेज के लिए संघर्ष कर रहा है।
पाकिस्तान अपनी अकड़ में करवा रहा है और भी नुकसान
पाकिस्तान में हालिया बाढ़ संकट के बादहालत और खराब हो गई है। देश में खाद्य संकट भी पैदा हो गया है। पाकिस्तान ने हाल ही में रूस से गेहूं का आयात किया है। लेकिन विदेशी मुद्रा भंडार में आ रही गिरावट पाकिस्तान को आयात पर प्रतिबंध लगाने पर मजबूर कर सकती है। भारत, पाकिस्तान का पड़ोसी, लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापार बंद है। अगर दोनों देशों के रिश्ते अच्छे होते और व्यापार जारी रहता, तो हो सकता है कि पाकिस्तान को जरूरत की चीजों के आयात के लिए कम विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती।
आपको बता दें कि, 2019 में भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था। इस फैसले के चलते पाकिस्तान ने भारत से अपने कारोबारी, रिश्ते खत्म कर दिए थे। वहीं जब पिछले साल पाकिस्तान में बाढ़ आई तब देश में खेती का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया। इसके बाद अनाज,सब्ज़ियां, फल और दूसरे खाद्य पदार्थों की किल्लत की आशंका जताते हुए पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने भारत से सब्ज़ियों और खाने-पीने की दूसरी चीजों के आयात पर लगे प्रतिबंध खत्म करने के संकेत दिए थे।
पहले इन चीजों का होता था व्यापार
2019 से पहले पाकिस्तान और भारत के बीच फलों, सब्जियों, कपड़े, डीक्राफ्ट, जिप्सम, मार्बल, नमक, मसालों, आर्टिफिशियल ज्वैलरी जैसी करीब 100 से अधिक वस्तुओं का आयात निर्यात होता था। ज्यादातर ट्रेड वाघा बॉर्डर के जरिए होता था। लेकिन पाकिस्तान ने 2019 में इसे खत्म कर दिया। भारत भारी मात्रा में पाकिस्तान को दवाइयां भी निर्यात करता आया है। United Nations COMTRADE database के आंकड़े अनुसार, भारत ने साल 2021 में 194.22 मिलियन डॉलर के फॉर्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पाकिस्तान को एक्सपोर्ट किए थे। लेकिन पाकिस्तान ने खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार लिया है।
पिछले कुछ वर्षों में किस तरह से पाकिस्तान की आर्थिक सेहत बिगड़ी है, इस आंकड़ों में जगजाहिर है। जनवरी 2022 के मुकाबले अब महंगाई चरम पर पहुंच गई है। शहरी फूड इंफ्लेशन जनवरी-2022 में 13.3 फीसदी थी, जो अब दिसंबर 2022 में बढ़कर 32.7 फीसदी हो गई। जबकि कंजूमर प्राइस इंफ्लेशन जनवरी-2022 में 13 फीसदी पर थी, जो दिसंबर-2022 में 24.5 फीसदी तक पहुंच गई। शहरी खाद्य महंगाई में करीब ढाई गुना बढ़ गई है. जबकि कंजूमर प्राइस इंफ्लेशन 100 फीसदी बढ़ी है।


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