कर्मभूमि एक्सप्रेस में भीषण आग, 1500 यात्री सुरक्षित, राजपुरा पंजाब ट्रेन हादसा
•तीन जनरल कोच आग की चपेट में आए, चौथे डिब्बे को भी नुकसान; लोको पायलट और गार्ड की तत्परता से टला बड़ा हादसा
राजपुरा (पंजाब)। 6 नवंबर 2026 । पंजाब के पटियाला जिले में राजपुरा के नजदीक शुक्रवार दोपहर अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। ट्रेन के चार डिब्बे आग की चपेट में आ गए। डिब्बों से उठती आग की ऊंची लपटों और धुएं के घने गुबार को देखकर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हालांकि राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि ट्रेन में सवार लगभग 1500 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। प्रशासन और रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस घटना में किसी यात्री की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है।
कहां और कब हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक ट्रेन संख्या 12508 अमृतसर-न्यू जलपाईगुड़ी कर्मभूमि एक्सप्रेस शुक्रवार दोपहर करीब 12:58 बजे फतेहगढ़ साहिब जिले के साधुगढ़ रेलवे स्टेशन से आगे निकली थी। इसके कुछ ही देर बाद राजपुरा-सिरहिंद रेलखंड पर सराय बंजारा रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के जनरल कोच में आग दिखाई दी।
आग सबसे पहले इंजन से पांचवें डिब्बे में लगी। देखते ही देखते तेज हवा के कारण आग आसपास के डिब्बों तक फैल गई। तीन जनरल कोच आग से बुरी तरह प्रभावित हुए, जबकि चौथे डिब्बे को भी आंशिक नुकसान पहुंचा।
लोको पायलट और गार्ड की तत्परता से बची यात्रियों की जान
घटना की जानकारी मिलते ही लोको पायलट और गार्ड ने आपातकालीन कार्रवाई करते हुए ट्रेन को रुकवाया। आग प्रभावित डिब्बों को शेष ट्रेन से अलग कर दिया गया, ताकि आग दूसरे कोचों तक न फैल सके।
रेलवे अधिकारियों ने दोनों ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइनों की बिजली भी बंद कराई। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेलवे, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं।
आग की लपटें और धुआं देखकर यात्रियों में दहशत फैल गई। कई यात्री अपना सामान छोड़कर जान बचाने के लिए बाहर निकल आए। स्थानीय ग्रामीणों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया।
1500 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
अंबाला मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विनोद भाटिया के मुताबिक ट्रेन में करीब 1500 यात्री सवार थे। रेलवे की त्वरित कार्रवाई के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
प्रशासन की ओर से सराय बंजारा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए चिकित्सकों की टीम तैनात की गई। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरी ट्रेन की व्यवस्था भी की गई।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाली कमान
घटना की सूचना मिलने के बाद पटियाला के उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल और एसएसपी हरमंदीप हांस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एसडीएम राजपुरा रविंदर सिंह, एसपी बिक्रम बराड़, डीएसपी मनजीत सिंह सहित पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ, दमकल विभाग और रेलवे के अधिकारी राहत कार्य में जुटे रहे।
प्रशासन के अनुसार अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट कर दिया गया था। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई गई।
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं
कर्मभूमि एक्सप्रेस में आग आखिर कैसे लगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। कुछ शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने इसे जांच का विषय बताया है।
रेलवे की ओर से घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत फॉरेंसिक जांच कराने की बात कही गई है। जांच में तकनीकी खराबी, विद्युत व्यवस्था और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जाएगी।
सोशल मीडिया पर मौतों की खबर भ्रामक
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक संदेश तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें दावा किया गया कि हादसे में काफी लोगों की मौत हो गई है।
लेकिन उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी और पीटीआई की 6 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार किसी भी यात्री की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है।
इसलिए बिना आधिकारिक पुष्टि के मृतकों की संख्या बताना या मौतों की खबर प्रसारित करना उचित नहीं है।
बड़ा सवाल: आखिर ट्रेन में आग कैसे लगी?
इस घटना ने एक बार फिर रेलगाड़ियों में अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत की बात है कि इस बार बड़ी जनहानि टल गई। अब सभी की निगाहें रेलवे की जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे आग लगने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
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