आय प्रमाण पत्र में आपत्ति लगाने का आरोप का मामला पकड़ा तुल्य, ग्रामीणों ने की जांच की मांग
मेहनगर/आजमगढ़। मेहनगर तहसील क्षेत्र में आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करौती गांव में तैनात हल्का लेखपाल गौरव कुमार सिंह पर सुविधा शुल्क नहीं देने पर आय प्रमाण पत्र की रिपोर्ट में आपत्ति लगाने और मनमानी करने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रमाण पत्रों में अनावश्यक आपत्तियां लगाए जाने से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
करौती गांव निवासी पूनम के अनुसार उन्होंने आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि हल्का लेखपाल की ओर से रिपोर्ट में परिवार रजिस्टर की नकल उपलब्ध कराने से संबंधित आपत्ति लगा दी गई। रिपोर्ट में आपत्ति देखकर जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो उन्हें जानकारी मिली कि गांव में अन्य लोगों के आय प्रमाण पत्र परिवार रजिस्टर की नकल के बिना भी बनाए गए हैं। ऐसे में अपने आवेदन में अलग से इसकी मांग किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया।
पूनम का आरोप है कि इस पर लेखपाल ने कथित तौर पर कहा कि जिन लोगों के प्रमाण पत्र बने हैं, उनसे पूछ लें कि कैसे बने हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनसे सुविधा शुल्क देने की बात कही गई और ऐसा नहीं करने पर रिपोर्ट में आपत्ति लगाकर आवेदन खारिज करने की बात कही गई।
पूनम के मुताबिक, उन्होंने छात्रवृत्ति आवेदन की समय सीमा समाप्त होने की समस्या भी बताई, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि आय प्रमाण पत्र में अनावश्यक आपत्तियों के कारण छात्रों को छात्रवृत्ति के आवेदन में परेशानी हो सकती है। वहीं किसानों को भी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को तहसील से लेकर ब्लॉक मुख्यालय तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पक्ष जानने पर हल्का लेखपाल गौरव कुमार सिंह ने कथित तौर पर कहा, “मुझे आय प्रमाण पत्र में परिवार रजिस्टर की नकल चाहिए, नहीं तो आपत्ति लगाकर खारिज कर दूंगा।”
वहीं, तहसीलदार शिवेंद्र पटेल ने बताया कि आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परिवार रजिस्टर की नकल अनिवार्य नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और रिपोर्ट में दर्ज आपत्ति की जांच किए जाने की जरूरत है।
ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

























































Leave a comment