दो पुलिस मुठभेड़ों में पांच आरोपी गिरफ्तार, तीन घायल
•आजमगढ़ मे फरिहा और खरिहानी की ज्वेलरी दुकानों में चोरी का खुलासा, करीब 20 लाख रुपये के चांदी के आभूषण बरामद
आजमगढ़। जनपद में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को तरवां और निजामाबाद थाना क्षेत्रों में हुई दो अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इनमें तीन आरोपी गोली लगने से घायल हो गए, जबकि दो को मौके से गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से करीब 9.3 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने दो अवैध तमंचे, कारतूस, चोरी में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की सफेद अर्टिगा गाड़ी और ताला-शटर तोड़ने के उपकरण भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में की गई।
फरिहा और खरिहानी की दुकानों में हुई थी चोरी
पुलिस के मुताबिक, 24 और 25 सितंबर की रात निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा चौक स्थित ओम ज्वेलर्स का शटर तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और 60 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए थे। इस मामले में निजामाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
इसी तरह, 9 अक्टूबर को तरवां थाना क्षेत्र के खरिहानी बाजार स्थित वैभव ज्वेलर्स का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण चोरी किए गए थे। इस मामले में भी तरवां थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं।
कम्हरिया-कुर्थियां के पास पहली मुठभेड़
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शुक्रवार तड़के करीब 3:10 बजे तरवां थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह अपनी टीम के साथ कम्हरिया-कुर्थियां के पास संदिग्धों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस का कहना है कि बदमाशों की ओर से फायरिंग किए जाने पर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें रामसागर बांसफोर घायल हो गया। वहीं, निन्ही को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
बड़ागांव नहर पुलिया के पास दूसरी मुठभेड़
पहली कार्रवाई के बाद पुलिस टीम ने बिना नंबर प्लेट की एक सफेद अर्टिगा गाड़ी का पीछा किया। पुलिस के अनुसार, निजामाबाद थाना क्षेत्र के बड़ागांव नहर पुलिया के पास गाड़ी झाड़ियों में फंस गई। इसके बाद गाड़ी से उतरे आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में सुनील और रमाशंकर घायल हो गए, जबकि अनिल को गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट ने आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील पुत्र छोटक, रामसागर बांसफोर पुत्र बेचन बांसफोर, रमाशंकर पुत्र कुबेर बांसफोर, अनिल पुत्र छोटक और निन्ही पुत्र कन्हैया के रूप में हुई है। इनमें तीन आरोपी मुठभेड़ के दौरान घायल हुए हैं। आरोपी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और मिर्जापुर तथा मध्य प्रदेश के सिंगरौली क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
9.3 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद
पुलिस ने फरिहा स्थित ओम ज्वेलर्स से संबंधित करीब 6.76 किलोग्राम तथा खरिहानी स्थित वैभव ज्वेलर्स से संबंधित लगभग 2.54 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। इस प्रकार कुल बरामदगी करीब 9.3 किलोग्राम बताई गई है।
इसके अतिरिक्त दो देशी तमंचे .315 बोर, दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस, दो मिस कारतूस, बिना नंबर प्लेट की एक सफेद अर्टिगा गाड़ी तथा शटर और ताले तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले दो लोहे के रम्मा, एक प्लास, एक पेचकश और एक सुम्भी बरामद की गई है।
रेकी कर दुकानों को बनाते थे निशाना
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर समूह बनाकर ज्वेलरी दुकानों की रेकी करते थे और रात में शटर तथा ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने फरिहा और खरिहानी की दुकानों में चोरी की घटनाओं में संलिप्तता के संबंध में जानकारी दी है। पूछताछ में फरिहा से चोरी किए गए कुछ आभूषण बेचकर अर्टिगा गाड़ी खरीदने तथा बाकी आभूषण बेचने के लिए ले जाने की बात भी सामने आई है।
कई जनपदों और राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध चोरी, नकबजनी, गृहभेदन, मादक पदार्थों, आयुध अधिनियम और गिरोहबंद गतिविधियों सहित विभिन्न अपराधों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। इनका आपराधिक इतिहास आजमगढ़, मिर्जापुर, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से संबंधित बताया गया है।
दोनों मामलों में बरामदगी और आरोपियों की कथित संलिप्तता के संबंध में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों और चोरी की दूसरी घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
इस कार्रवाई में तरवां थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह, निजामाबाद थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह तथा दोनों थानों की पुलिस टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आजमगढ़ पुलिस ने कहा है कि अपराध और अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

























































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