डीएम ने की जल निगम, सिंचाई, बाढ़ खंड व नलकूप विभाग की समीक्षा
• परियोजनाएं समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के दिए निर्देश
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल संसाधन से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक कर विभिन्न परियोजनाओं एवं योजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में जल निगम (ग्रामीण एवं शहरी), बाढ़ खंड, सिंचाई विभाग तथा नलकूप विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय परियोजनाओं एवं विकास कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण कराया जाए। उन्होंने सभी विभागों को अपनी योजनाओं एवं परियोजनाओं का ब्लॉकवार प्रगति विवरण प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
जल निगम (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के उपरांत सड़कों का रिस्टोरेशन प्रत्येक दशा में समय से कराया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही पेयजल परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बाढ़ खंड की समीक्षा में जिलाधिकारी ने जलस्तर एवं वर्षा संबंधी आंकड़ों का नियमित प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कटानरोधी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर 15 जून से पूर्व पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया।
सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नहरों का पानी अंतिम छोर (टेल) तक पहुंचे, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नहरों का ब्लॉकवार विवरण तैयार रखने तथा सिल्ट सफाई समय समय पर कराए जाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 57 नहरें संचालित हैं नलकूप विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने सभी राजकीय नलकूपों को क्रियाशील स्थिति में रखने तथा किसानों तक सिंचाई सुविधा सुचारु रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने यांत्रिक एवं विद्युत खराबी के कारण बंद नलकूपों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने तथा नए नलकूपों की स्थापना एवं पुराने नलकूपों के मरम्मत से जुड़े कार्य परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल संसाधन से जुड़े सभी विभाग किसानों एवं आमजन के हितों से सीधे जुड़े हुए हैं। इसलिए विभागीय योजनाओं एवं परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता बाढ़ राधेश्याम प्रसाद, अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अभियंता नलकूप, जल निगम के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






















































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