मिशन शक्ति के तहत एक दिन की मुख्य विकास अधिकारी बनीं कक्षा 8 की छात्रा दिशा पटवा, स्वयं सहायता समूह के कार्यों का किया निरीक्षण
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जागृति स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे जागृति डिटर्जेंट पाउडर एवं टॉयलेट क्लीनर के निर्माण कार्यों की ली जानकारी
बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने, महिला सशक्तीकरण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल
मऊ। घोसी।मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कम्पोजिट विद्यालय, मुहम्मदाबाद गोहना की कक्षा 8 की छात्रा दिशा पटवा को एक दिन के लिए मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया। इस दौरान छात्रा ने सीडीओ ध्रुव खड़िया के साथ प्रशासनिक कार्यों की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह की गतिविधियों का भी निरीक्षण किया।
इसी क्रम में एक दिन की मुख्य विकास अधिकारी दिशा पटवा ने सीडीओ के साथ विकास खण्ड कोपागंज की ग्राम पंचायत ढेकवारा में जागृति स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे जागृति डिटर्जेंट पाउडर एवं जागृति टॉयलेट क्लीनर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने समूह की महिलाओं से उत्पादों को तैयार करने की प्रक्रिया, उनके उपयोग, गुणवत्ता बनाए रखने तथा उत्पादों के विपणन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। साथ ही यह भी जाना कि स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं किस प्रकार सामूहिक प्रयासों से रोजगार के अवसर सृजित कर रही हैं और आर्थिक रूपत से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
निरीक्षण के दौरान छात्रा ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के कार्यों को समझा तथा उनके प्रयासों की जानकारी ली। इस पहल से उन्हें ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, उद्यमशीलता, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका को नजदीक से जानने का अवसर मिला। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आजीविका के साधन उपलब्ध कराना तथा उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।
एक दिन की मुख्य विकास अधिकारी के रूप में दिशा पटवा ने विकास भवन परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने जनसमस्याएं सुनीं तथा उनके समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारियों से विभागीय जनकल्याणकारी योजनाओं, उनके क्रियान्वयन तथा आमजन को मिल रहे लाभ के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर छात्रा दिशा पटवा ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए माचिस की तीलियों से स्वयं तैयार की गई मां दुर्गा की आकर्षक तस्वीर मुख्य विकास अधिकारी को भेंट की। उनकी इस कलात्मक रचना की सराहना करते हुए उन्हें अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने तथा शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
भविष्य में अपने लक्ष्य के संबंध में पूछे जाने पर दिशा पटवा ने बताया कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। साथ ही महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न को रोकने तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए कार्य करना चाहती हैं। उनके इस संकल्प से महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक न्याय और जनसेवा के प्रति उनकी जागरूकता परिलक्षित हुई।
मिशन शक्ति के अंतर्गत इस प्रकार की पहल का उद्देश्य बालिकाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, नेतृत्व करने, प्रशासनिक व्यवस्था को समझने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान करना है। वहीं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूहों का निरीक्षण बालिकाओं को महिला सशक्तीकरण, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्व से परिचित कराने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
छात्रा दिशा पटवा का एक दिन के लिए मुख्य विकास अधिकारी बनना और जागृति स्वयं सहायता समूह के कार्यों का निरीक्षण करना अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणादायक है। यह पहल संदेश देती है कि शिक्षा, आत्मविश्वास, परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर बालिकाएं बड़े लक्ष्य हासिल कर सकती हैं तथा महिला सशक्तीकरण और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

























































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