भगवान कृष्ण की बाल लीला से लेकर रुक्मणी विवाह की कथा सुन झूम उठे श्रद्धालु।
देवरिया।जनपद के लार ब्लाक में कुडावल तारा चल रहे
श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन आचार्य बृजेश मणि त्रिपाठी ने कहां की भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं चर्चा करते हुए कहां की यमुना के तट पर अपने इष्ट मित्रों के साथ भगवान गेंद खेलने गए गेंद खेलने तो एक बहाना था भगवान कृष्ण को कालिया नाग का मान मर्दन करना था भगवान कृष्ण ने गेंद को इतनी जोर से फेंका गेम यमुना जी में चला गया ग्वाल वालों और मित्रों ने कहा की कान्हा मुझे मेरा गेद चाहिए जिस पर भगवान ने यमुना नदी में प्रवेश कर कालिया नाग को नाथ कर उसके फढ़ पर बंसी बजाते हुए यमुना में प्रकट हुए जिसे देखकर भगवान कृष्ण के प्राणों की रक्षा के लिए शोर गुल करने लगे इसकी खबर नंद और जसोदा को मिली बाबा नंद और यशोदा घबराए हुए यमुना तट पर पहुंचे और कृष्ण की लीला को देखकर आश्चर्यचकित हो गए।
आगे उन्होंने रुक्मणी विवाह की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि रुक्मणी ने भगवान को अपने पति के रूप में स्वीकार कर लिया था लेकिन रुक्मणी के माता-पिता दूसरे राजा से विवाह करना चाहते थे यह संदेश रुक्मणी ने भगवान कृष्ण तक पहुंचाई भगवान कृष्ण पूरी तैयारी के साथ रुक्मणी के वहां पहुंचे और रथ पर लेकर चल पड़े।
सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं ने गोवर्धन लीला की कथा का रसपान किया।

























































Leave a comment