गाजीपुर हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने किया हाउस अरेस्ट
घोसी।मऊ।गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के कठरिया गांव में मासूम निशा विश्वकर्मा के साथ हुई दरिंदगी और उसकी नृशंस हत्या के विरोध में पीड़िता के गांव जाने की घोषणा पर घोसी पुलिस ने जिलाध्यक्ष सहित अन्य को उनके घर आदि पर हाउस अरेस्ट रखा। सोमवार को पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और न्याय की मांग के लिए गाजीपुर कूच कर रहे कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने मऊ में ही रोक दिया। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव समेत कई वरिष्ठ नेताओं को उनके बनियापार, कल्याणपुर के साथ ऑफिस आवास पर 'हाउस अरेस्ट' (नजरबंद) कर दिया।
जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव के नेतृत्व में पार्टी का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल आज कठरिया गांव के लिए रवाना होने वाला था। लेकिन, प्रस्थान से पहले ही पुलिस बल ने उनके आवास की घेराबंदी कर दी और उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।
इस प्रशासनिक कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए
कांग्रेस पार्टी जिला अध्यक्ष मऊ
राजमंगल यादव ने कहा:
> "एक मासूम के साथ हुई जघन्य वारदात ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। पीड़ित परिवार से मिलना और उन्हें सांत्वना देना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रशासन हमें नजरबंद कर के हमारी आवाज दबाना चाहता है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन हम इस दमनकारी नीति के आगे झुकेंगे नहीं।प्रशासनिक आदेश के बाद मऊ में जिन प्रमुख नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद किया गया। नज़रबंद होने वालो में शामिल रहे मनोज गिहार, फ़हद क़ादिर, अमरनाथ योगी, हफीजुर्रहमान अंसारी,
आफ़ताबसिद्दीकी,सुरेशराजभर, अरविंदयादव, अमरेशयादव, नजीरअहमदआदि रहे।























































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