भगवान कृष्ण की बाल लीला से लेकर रुक्मणी विवाह की कथा सुन झूम उठे श्रद्धालु
देवरिया।बरहज तहसील क्षेत्र के ग्राम बारादीक्षित में चल रहे श्रीमद् भागवत के मर्मज्ञ वेदाचार्य गंगाधर शुक्ल ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं चर्चा करते हुए कहां की यमुना के तट पर अपने इष्ट मित्रों के साथ भगवान गेंद खेलने गए गेंद खेलने तो एक बहाना था भगवान कृष्ण को कालिया नाग का मान मर्दन करना था भगवान कृष्ण ने गेंद को इतनी जोर से फेंका गेम यमुना जी में चला गया ग्वाल वालों और मित्रों ने कहा की कान्हा मुझे मेरा गेद चाहिए जिस पर भगवान ने यमुना नदी में प्रवेश कर कालिया नाग को नाथ कर उसके फढ़ पर बंसी बजाते हुए यमुना में प्रकट हुए जिसे देखकर भगवान कृष्ण के प्राणों की रक्षा के लिए शोर गुल करने लगे इसकी खबर नंद और जसोदा को मिली बाबा नंद और यशोदा घबराए हुए यमुना तट पर पहुंचे और कृष्ण की लीला को देखकर आश्चर्यचकित हो गए।
आगे उन्होंने रुक्मणी विवाह की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि रुक्मणी ने भगवान को अपने पति के रूप में स्वीकार कर लिया था लेकिन रुक्मणी के माता-पिता दूसरे राजा से विवाह करना चाहते थे यह संदेश रुक्मणी ने भगवान कृष्ण तक पहुंचाई भगवान कृष्ण पूरी तैयारी के साथ रुक्मणी के वहां पहुंचे और रथ पर लेकर चल पड़े।
मुख्य यजमान गायत्री दीक्षित अपनी घनश्याम दीक्षित एवं सुमित्रा दीक्षित पत्नी राधेश्याम दीक्षित द्वारा व्यास पीठ का पूजन कर आरती उतारी।
कथा के दौरान मुख्य यजमान गायत्री दीक्षित , घनश्याम दीक्षित, सुमित्रा दीक्षित ,राधेश्याम दीक्षित ,सह यजमान उर्मिला दीक्षित ,बाल गोविंद दीक्षित, प्रेमलता दीक्षित, केशव प्रसाद दीक्षित, एमपी दीक्षित, निशिकांत दीक्षित, वीरेंद्र दीक्षित, सुमित रंजन दीक्षित, धर्मेंद्र दीक्षित, रिंकू दिक्षित ,सुशील प्रजापति, पवन गुप्ता ,अनंत दीक्षित, बिट्टू दीक्षित सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं ने गोवर्धन लीला की कथा का रसपान किया। कथा के दौरान संगीत की टीम में सूर्यकांत शुक्ला, बबलू द्विवेदी, संजय मिश्रा, देवेंद्र मिश्रा, अनुज मिश्रा उपस्थित रहे।

























































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