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आशा किरण शेल्टर होम में हुईं 14 मौतों पर सियासत शुरू, शहजाद पूनावाला और मनोज तिवारी ने केजरीवाल सरकार को घेरा

 


नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में बने आशा किरण शेल्टर होम में 14 की लोगों की मौत हो गई। दिल्ली सरकार ने तत्काल मामले पर एक्शन लिया है और 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट भी मांगी है। वहीं, इस मामले में भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला, भाजपा सांसद मनोज तिवारी और अन्य नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है।


भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, पिछले कुछ महीनों में यहां 27 मौतें हुई हैं। इसका कारण गंदा पानी, संक्रमण, तपेदिक और निमोनिया लग रहा है। ऐसी कई खबरें मीडिया में चल रही हैं। सवाल यह है यह किसकी लापरवाही है? यह आप सरकार की आपराधिक लापरवाही है, क्योंकि यह आश्रय गृह (शेल्टर होम) चलाना उनका काम है। इसका मतलब है कि इसमें भ्रष्टाचार के साथ-साथ आपराधिक लापरवाही भी है, जिसके कारण 27 लोगों की जान चली गई।’ शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘मैंने वहां एक टीम भेजी है। मुझे लगता है कि एनएचआरसी को भी इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए।


भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, दिल्ली में सांस लेना मुश्किल है, खबरें पढऩा मुश्किल है…आशा किरण में मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों को रखा जाता है। जानकारी मिली है कि बच्चों को ठीक से खाना नहीं दिया जाता। वहां अगर बच्चे बीमार पड़ जाएं तो उन्हें इलाज नहीं मिलता। आम आदमी पार्टी को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। आए दिन ऐसी खबरें आती हैं..आम आदमी पार्टी जो कहती है वो करती कहां है? आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली को बेहद दुखद स्थिति में पहुंचा दिया है। दिल्ली को बचाने के लिए ऐसे लोगों को पद से हटाना बहुत जरूरी है।
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा, ‘पिछले 20 दिनों में दिल्ली सरकार द्वारा संचालित आशा किरण आश्रय गृह में 13 मौतें हुई हैं। कारण अभी तक ज्ञात नहीं हैं..जब मैं डीसीडब्ल्यू में थी तो मैंने स्थिति का निरीक्षण किया था। यहां स्थिति बहुत खराब है, क्योंकि न तो उचित स्टाफ है और न ही उचित डॉक्टर हैं। हमने उस समय एक रिपोर्ट बनाई और दिल्ली सरकार को सौंपी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई। मैं मांग करती हूं कि इस मामले में कार्रवाई की जाए और एफआईआर दर्ज की जाए…मैं इस मुद्दे को संसद में उठाऊंगी।
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की प्रमुख रेखा शर्मा ने कहा, ‘यहां कई मौत के मामले सामने आए हैं और प्रथम दृष्टया पानी दूषित है, कोई फिल्टर सुविधा नहीं है..उनमें से ज्यादातर की मौत डायरिया के कारण हुई है। शेल्टर होम में भीड़भाड़ है, शौचालय की कोई सुविधा नहीं है..मैंने कागजात की मांग की है। प्रवेश और निकास के लिए कोई रजिस्टर नहीं है। कोई बायोमेट्रिक उपस्थिति नहीं है। यहां मौजूद कर्मचारी अप्रशिक्षित हैं और अनियमित हैं, उन्हें नौकरी पर प्रशिक्षण मिल रहा है। एक सख्त और स्वतंत्र जांच की जानी चाहिए और मैं केंद्र सरकार से इसकी मांग करूंगा। मैं अपनी रिपोर्ट भी केंद्र सरकार को सौंपूंगा।


राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल दिल्ली के आशा किरण शेल्टर होम पहुंचीं। मंत्री आतिशी का कहना है, ‘रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में यहां 14 मौतें हुई हैं, इन 14 में से एक बच्चा भी है।
भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने कहा, रिपोर्ट आ रही है कि यहां 27 मौतें हुई हैं, जो लोग मरे हैं वे सभी मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं। इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है? और उनका गठबंधन ऐसा नहीं करता है। सभी इस मुद्दे पर बोलने की जहमत उठा रहे हैं। अब दिल्ली सरकार किसे दोष देगी? उनके ( इंडिया गठबंधन) के पास राजनीति करने का समय है, लेकिन इस मुद्दे पर बोलने का समय नहीं है। अरविंद केजरीवाल को अब इस्तीफा दे देना चाहिए।


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