निषाद राज गूह् की मनाई गई जयंती।
देवरिया।नगर के बस स्टैंड स्थित मत्स्य जीवी एफएफ पीसी कार्यालय पर निषाद राज गूह् की जयंती धूमधाम से मनाई गई आयोजित कार्यक्रम में महाराज निषाद के चित्रपट का पूजन कर फूल माला से सूचित किया गया साथ ही समाज की उन्नति और तरक्की स्वरोजगार रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय निषाद संघ के मंडल अध्यक्ष जितेंद्र भारत में कहा कि महाराज निषाद राज का जन्म त्रेता युग में चैत्र शुक्ल पक्ष में पंचमी को श्रृंगवेरपुर के प्रयागराज में हुआ था तब दूसरे राम के विषम परिस्थितियों में साथ देकर निषाद राज ने मित्रों धर्म निभाया भगवान श्री राम अपनी पहली रात अपने मित्र निषादराज के साथ बीते निषाद राज ने ही केवट हरिवंश से प्रार्थना कर श्री राम को गंगा पार कराया आगे उन्होंने कहा कि इस देश के मूल निवासी निषाद वंश के लोग हैं देश की सभ्यता संस्कृति निषाद संस्कृति रही देश के स्वाधीनता संग्राम में निषादों की महत्वपूर्ण योगदान रहा है आगे उन्होंने कहा कि इतिहास की अपने पूर्वक रक्षा करनी चाहिए धन आता है और चला जाता है धन से ही होने पर सब कुछ नष्ट नहीं होता किंतु इतिहास और अपना प्राचीनतम गौरव नष्ट होने पर उसे समाज का विनाश निश्चित हो जाता है राजेश साहनी ने कहा की सरकार पिछले निषाद समाज के उत्थान के लिए रोजगार का अवसर दे और अनुसूचित जाति के आरक्षण का लाभ कार्यक्रम की अध्यक्षता सूरज प्रसाद निषाद और संचालन बिरजानंद प्रसाद ने किया इस अवसर पर राजकुमार निषाद, दीनानाथ निषाद, विजय निषाद, नवाब हुसैन, धर्मेंद्र जायसवाल, नंदलाल निषाद, सुरेंद्र साहनी, अमरनाथ निषाद, राजू निषाद, अमेरिका यादव, मुन्ना ,शिवम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


























































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