बघैला गांव में खुली नाली बनी बछड़े के लिए मुसीबत, रातभर तड़पता रहा बेजुबान
• सुबह ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बचाई जान, खुली नालियों पर पटिया लगवाने की उठाई मांग
बिलरियागंज, आजमगढ़। क्षेत्र के बघैला गांव में खुली नाली की लापरवाही एक बेजुबान पशु के लिए मुसीबत बन गई। नाली में गिरा एक बछड़ा पूरी रात जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा। सुबह ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी तो तत्काल उसे बचाने का प्रयास शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने बछड़े को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, गांव में नाली खुली होने और उस पर पटिया नहीं लगाए जाने के कारण बछड़ा अचानक उसमें गिर गया। रातभर नाली में फंसे रहने के कारण वह बाहर निकलने के लिए छटपटाता रहा। सुबह जब ग्रामीणों ने उसे नाली में फंसा देखा तो उसे निकालने में जुट गए। ग्रामीणों की सामूहिक कोशिश से आखिरकार बछड़े को बाहर निकाल लिया गया।
खुली नालियां बनीं हादसों का सबब
इस घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि गांव में कई जगह नालियां खुली पड़ी हैं। ये नालियां बेजुबान पशुओं के साथ-साथ राहगीरों और छोटे बच्चों के लिए भी खतरा बनी हुई हैं। रात के अंधेरे में दिखाई नहीं देने के कारण कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
जिम्मेदारों से ग्रामीणों की दो टूक मांग
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों से मांग की है कि गांव की सभी खुली नालियों को तत्काल पटिया से ढकवाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बेजुबान पशु, बच्चे या राहगीर को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

























































Leave a comment