मीडिया-मनोरंजन उद्योग को मौलिक IP और वैश्विक बाजार पर ध्यान देना होगा: चंचल कुमार
•सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव ने कहा- भारत की कहानी, संस्कृति और प्रतिभा को वैश्विक आर्थिक ताकत में बदलने का समय
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने मीडिया और मनोरंजन उद्योग से केवल कारोबार के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय मौलिक बौद्धिक संपदा (IP), टिकाऊ व्यावसायिक मॉडल और वैश्विक बाजारों में विस्तार को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया के प्रमुख क्रिएटिव कंटेंट, मीडिया और मनोरंजन केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने का बड़ा अवसर है। इसके लिए देश की रचनात्मक क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उत्पादों और कंपनियों में बदलना जरूरी है।
मौलिक कंटेंट को मिले प्राथमिकता
चंचल कुमार ने मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र से अपनी ओरिजिनल बौद्धिक संपदा विकसित करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि लंबे समय तक टिकाऊ सफलता के लिए केवल मौजूदा मॉडल का विस्तार पर्याप्त नहीं है। ऐसे कंटेंट और IP तैयार करने की जरूरत है, जिनकी भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मांग हो।
उन्होंने उद्योग से सतत और मजबूत कारोबारी मॉडल विकसित करने का भी आह्वान किया, ताकि रचनात्मक क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर लगातार बढ़ सकें।
वैश्विक बाजार में भारतीय कंपनियों की पहुंच बढ़ाने पर जोर
सचिव ने कहा कि भारतीय मीडिया और मनोरंजन कंपनियों को घरेलू बाजार तक सीमित रहने के बजाय वैश्विक बाजारों को लक्ष्य बनाना चाहिए। भारतीय कहानियों, कलाकारों, तकनीक और रचनात्मक प्रतिभा में दुनिया के सामने अपनी अलग पहचान बनाने की क्षमता है।
सरकार का उद्देश्य भारत को ऐसा प्रमुख केंद्र बनाना है, जहां क्रिएटिव कंटेंट, अत्याधुनिक तकनीक, प्रतिभाशाली मानव संसाधन और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाली मीडिया कंपनियां एक साथ विकसित हों।
भारतीय संस्कृति और कहानी कहने की परंपरा बनेगी ताकत
चंचल कुमार ने भारत की समृद्ध कहानी कहने की परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मक प्रतिभा को देश की बड़ी ताकत बताया।
उन्होंने कहा कि भारत के पास अपनी सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मक क्षमता को दीर्घकालिक आर्थिक एवं सांस्कृतिक मूल्य में बदलने का ऐतिहासिक अवसर है।
क्रिएटिव इकोनॉमी को मिलेगा नया आयाम
मीडिया और मनोरंजन उद्योग आज केवल फिल्मों और टेलीविजन तक सीमित नहीं है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स, संगीत, ओटीटी और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों के विस्तार के साथ यह क्षेत्र तेजी से बदल रहा है।
ऐसे में मौलिक IP + तकनीक + प्रतिभा + वैश्विक बाजार को साथ लेकर चलना भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी को नई ऊंचाई दे सकता है।
सचिव चंचल कुमार का संदेश स्पष्ट है—भारत को केवल दुनिया के लिए कंटेंट बनाने वाला बाजार नहीं, बल्कि दुनिया में अपनी मौलिक कहानियां, IP और मीडिया कंपनियां स्थापित करने वाला वैश्विक क्रिएटिव पावरहाउस बनना होगा।




























































Leave a comment