सीडीओ की अध्यक्षता में मिशनशक्ति अभियान के तहत मुख्यमंत्रीअभ्युदय योजना की छात्राओं के लिए करियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित
मऊ।घोसी।मिशन शक्ति 6.0 अभियान के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद मऊ के कम्युनिटी हॉल में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कोचिंग के छात्र-छात्राओं के लिए करियर गाइडेंस एवं प्रोत्साहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सीडीओ ध्रुव खाडिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा भविष्य के बेहतर अवसरों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गई। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, आत्मनिर्भरता तथा समाज में बालिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत संचालित कोचिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे करियर गाइडेंस एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बताया गया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से जनपद के विभिन्न वर्गों के प्रतिभाशाली एवं उत्साही युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑफलाइन एवं ऑनलाइन मार्गदर्शन तथा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इसमें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), NEET, JEE, SSC, बैंकिंग, B.Ed., तेरी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।
छात्र-छात्राओं को विषय विशेषज्ञों, अनुभवी शिक्षकों तथा प्रशासनिक एवं अन्य क्षेत्रों के अधिकारियों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है, जिससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ अपने करियर का उचित चयन करने में भी सहायता मिलती है। कोचिंग सेंटर में छात्र-छात्राओं के अध्ययन के लिए निःशुल्क पुस्तकालय एवं डिजिटल क्लास की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इन सुविधाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत संचालित कोचिंग से लाभान्वित होकर विगत वर्षों में जनपद के कई छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सरकारी सेवाओं एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपना स्थान बनाया है। यह योजना उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो संसाधनों के अभाव में गुणवत्तापूर्ण कोचिंग प्राप्त नहीं कर पाते हैं।
मिशन शक्ति 6.0 अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सीडीओ ध्रुव खाडिया ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में प्रतिभा होती है, आवश्यकता केवल सही दिशा एवं उचित मार्गदर्शन की होती है। उन्होंने छात्राओं का आह्वान करते हुए कहा कि अपने लक्ष्य को निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ किया गया प्रयास सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।
सीडीओ ने अपने अध्ययन एवं अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि सभी छात्राओं में आगे बढ़ने की क्षमता है। आवश्यकता इस बात की है कि अपनी प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए उपलब्ध अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए तथा शिक्षा के साथ-साथ अपने कौशल एवं आत्मविश्वास को भी विकसित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति 6.0 का उद्देश्य केवल महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के उद्देश्य को साकार करने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
सीडीओ ने कहा कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि वे अपनी शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने व्यक्तित्व विकास, ज्ञान, कौशल एवं आत्मविश्वास को मजबूत करते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करें। मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत इस प्रकार के कार्यक्रमों से बालिकाओं को आगे बढ़ने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरणा मिल रही है।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. श्वेता त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रश्मि मिश्रा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अध्यापकगण, विषय विशेषज्ञ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




























































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