आध्यात्मिक विशेष चिंतन।महादेव के 12 ज्योतिर्लिंग और उनके धरती पर अवतरित होने का मुख्य कारण-
देवरिया।महादेव के 12 ज्योतिर्लिंग और उनके
धरती पर अवतरित होने का मुख्य कारण-
हिंदू पुराणों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन 12 स्थानों पर जो शिवलिंग हैं, उनमें ज्योति के रूप में खुद भगवान शिव विराजमान हैं और यही वजह है कि इन्हें ज्योतिर्लिंग कहा जाता है। आइए जानते हैं प्रत्येक ज्योतिर्लिंग के प्रकट होने के पीछे का कारण?
1-केदारनाथ ज्योतिर्लिंग
पांडवों को महाभारतल युद्ध के पापों से मुक्ति देने और उनकी तपस्या से खुश होकर भगवान शिव उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए।
2-नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
भगवान शिव अपने भक्त सुप्रिय की रक्षा और दारुक नाम के राक्षस का वध करने के लिए वे नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए।
3-सोमनाथ ज्योतिर्लिंग
प्रजापति दक्ष से अपना तेज खो चुके चंद्र देव को फिर से प्रकाश देने के लिए भगवान शिव सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए।
4-काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भगवान शिव अपने भक्तों को मोक्ष प्रदान करने के लिए विश्वनाथ के रूप में प्रकट हुए।
5- भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग
भगवान शिव ने कुंभकर्ण के पुत्र भीमासुर का वध कर भक्तों की रक्षा करने के लिए भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए।
6- त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग
ऋषि गोतम की तपस्या से खुश होकर और गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिए भगवान शिव नासिक में त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग में प्रकट हुए।
7- मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग
भगवान कार्तिकेय को मनाने और उनके नजदीक रहने के लिए भगवान शिव और माता पार्वती मल्लिकार्जुन के रूप में श्रीशैलम में निवास करते हैं।
8- वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग
लंकापति रावण की कठिन तपस्या से खुश होकर और उसके घावों का उपचार करने के कारण भगवान शिव वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए।
9- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
भक्तों की रक्षा और राक्षस दूषण का अंत करने के लिए भगवान शिव महाकाल के रूप में उज्जैन में प्रकट हुए इसलिए उन्हें महाकालेश्वर के नाम से भी जाना जाता है।
10- ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग
विंध्य पर्वत की कठोर तपस्या से खुश होकर भगवान शिव ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में यहां वास करते हैं।
11-घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग
महादेव भक्त घुश्मा की अटूट भक्ति से खुश होकर और उसके पुत्र को पुनर्जीवित करने के लिए भगवान शिव ने घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए।
12- रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग
भगवान श्रीराम द्वारा रावण-वध से पहले भगवान शिव की पूजा करने से भगवान शिव अति प्रसन्न हुए। जिसक कारण वे रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए।





















































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