बरहज में धरने से पहले सपा नेताओं को घरों में कैद, वकील मौत मामले पर सियासी उबाल
देवरिया ।जनपद बरहज तहसील क्षेत्र के लक्ष्मीपुर प्रकरण में एक वकील की संदिग्ध मौत के बाद जिले की सियासत गरमा गई है। घटना को लेकर जहां एक ओर निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर निर्दोष लोगों को गंभीर आरोपों में फंसाने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। इसी के विरोध में समाजवादी पार्टी ने धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने सपा नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया।
सुबह से ही कई प्रमुख सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के घरों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके। इस कार्रवाई को लेकर सपा खेमे में भारी नाराजगी है और इसे “लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन” बताया जा रहा है।
सपा नेताओं का आरोप है कि प्रशासन सत्ता के दबाव में काम करते हुए असली मुद्दों से ध्यान भटका रहा है और निर्दोष लोगों को गंभीर मामलों में फंसाया जा रहा है। पार्टी ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और वास्तविक दोषियों को सजा मिले, जबकि बेगुनाहों को राहत दी जाए।
वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर सपा नेता एवं पूर्व विधायक गजाला लारी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कार्रवाई लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है और सच्चाई को दबाने की कोशिश है।
फिलहाल, प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दे रहा है, लेकिन इस कार्रवाई से जिले में सियासी तनाव चरम पर पहुंच गया है।


























































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