रामनवमी व पं. रामकिशोर त्रिपाठी की जयंती पर संत तुलसीदास पीजी कॉलेज में भव्य आयोजन
•विविधता में एकता का संदेश देता है श्रीराम का जीवन : प्रो. मिश्रा
कादीपुर, सुल्तानपुर। संत तुलसीदास पीजी कॉलेज में संस्थापक अध्यक्ष स्व. पंडित रामकिशोर त्रिपाठी की 102वीं जयंती एवं रामनवमी महोत्सव श्रद्धा, आस्था और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. हरिशंकर मिश्रा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्रो. मिश्रा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्लभ संयोग है कि शिक्षा के क्षेत्र में समाज को दिशा देने वाले महान व्यक्तित्व की जयंती और मर्यादा, सत्य व धर्म के प्रतीक भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव एक ही तिथि पर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन विविधता में एकता का सशक्त संदेश देता है और आज के समय में उनके आदर्शों की प्रासंगिकता और बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि रामनवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों के पुनर्जागरण का अवसर है। श्रीराम ने अपने जीवन से त्याग, कर्तव्यनिष्ठा, सत्य, करुणा और मर्यादा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। पिता की आज्ञा का पालन करते हुए वनवास स्वीकार करना, भाईचारे का आदर्श स्थापित करना और न्यायपूर्ण शासन देना उनके जीवन के प्रेरक प्रसंग हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रबंध समिति अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश पाण्डेय बजरंगी ने कहा कि स्व. पंडित रामकिशोर त्रिपाठी का शैक्षिक, सामाजिक व सांस्कृतिक योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि रामनवमी भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो समाज को सद्भाव, करुणा और एकता का संदेश देती है।
इस अवसर पर वेद-वेदांग विद्यापीठ गुरुकुल आश्रम, धनपतगंज के आचार्य ने रामनवमी के महात्म्य व स्व. पंडित त्रिपाठी के योगदान पर प्रकाश डाला। प्रबंधक सौरभ त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत किया तथा प्राचार्य प्रो. आर.एन. सिंह ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में पूर्व प्राचार्य, प्राध्यापकगण, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

























































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