श्रीकृष्ण असुरों का वध करके भी उसे सद्गति ही देते हैं : श्री कृष्ण चंद्र शास्त्री
देवरिया।जनपद के बरहज तहसील अंतर्गत ग्राम देवढी में चंद्रेश्वर महादेव धाम समिति के द्वारा चलाये जा रहे सात दिवसीय भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आज पांचवे दिन मुख्य यजमान अक्षयवर मिश्र, सूर्य नारायण मिश्रा ने व्यास पीठ की पूजा कर कथा का शुभारंभ कराया l भागवत कथा का रसपान करा रहे, सुविख्यात कथावाचक श्री कृष्ण चंद्र शास्त्री जी ने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि श्री कृष्ण जन्मोत्सव के बाद कंस के द्वारा भेजे गए असुरों का वध करके भी श्री कृष्ण ने उन पर कृपा की l भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सबसे अद्भुत पक्ष यह है कि वे केवल संहारक नहीं, बल्कि परम उद्धारक हैं। जब कंस के द्वारा भेजे गए पूतना, बकासुर, अघासुर और केशी जैसे असुरों का प्रभु ने वध किया, तो वह केवल एक दंड प्रक्रिया नहीं थी, अपितु उन असुरों के लिए मोक्ष का द्वार था।
आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो मुक्ति का मुख्य आधार निरंतर स्मरण है। ये असुर शत्रुता के भाव से ही सही, परंतु हर क्षण श्री कृष्ण का ही चिंतन करते थे। भय और द्वेष के कारण उनका चित्त पूरी तरह कृष्णमय हो गया था, जिसे शास्त्रों में 'विद्वेष भक्ति' कहा गया है। जब साक्षात परब्रह्म का दिव्य स्पर्श उन्हें प्राप्त हुआ, तो उनके जन्म-जन्मांतर के पाप तत्क्षण भस्म हो गए और उन्हें वह परम पद प्राप्त हुआ जो बड़े-बड़े योगियों को भी दुर्लभ है।
पूतना के प्राण पखेरू उड़ चुके थे। जब ब्रजवासियों ने पूतना के शरीर का दाह संस्कार किया, तो उसकी देह से चंदन जैसी सुगंध आने लगी। परीक्षित ने पूछा— "महाराज! एक राक्षसी की देह से सुगंध कैसे?"
शुकदेव जी बोले— "हे राजन्! यह भगवान की अपार करुणा है। पूतना कृष्ण को मारने आई थी, लेकिन उसने 'धात्री' (माता) का वध बनाकर प्रभु को स्तनपान कराया था। जो भगवान को एक बार भी प्रेम या कपट से कुछ अर्पण कर देता है, प्रभु उसे अपनी माता के समान गति प्रदान करते हैं।"
कथा का रसपान करने वालों में बाहर से कुछ अतिथि भी पधारे थे, जिनमें सुरेंद्र कुमार गुप्ता प्रवक्ता स्वामी रामदेव प्रवक्ता स्वामी रामदेव जी महाराज पतंजलि योगपीठ हरिद्वार, डॉक्टर अनीता गुप्ता, सत्यनारायण मौर्या संत, पवन शर्मा मधु शर्मा कलाकार, मधु शर्मा, चनापूआ आश्रम, खामी वाले, राजन वैदिक भारतीय शिक्षा बोर्ड प्रयागराज अयोध्या मंडल समन्वयक l चंद्रपुर महादेव चंद्रेश्वर महादेव धाम समिति के सभी सदस्यों और समस्त ग्राम वासी और समस्त ग्राम वशीकरण क्षेत्र वासियों के इस पावन आयोजन के लिए धन्यवाद पात्र हैंl
कार्यक्रम का संचालन प्रमोद मिश्रा ने किया।

























































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