लोको पायलट की मौत के मामले में नया मोड़, पीड़िता पहुंची SP ऑफिस, दोषी बनाए गए परिजनों को बताया निर्दोष, कहा आत्महत्या की थी लोको पायलट ने, प्रभावशाली है उसका परिवार
आजमगढ़ के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र में नौशहरा निवासी लोको पायलट दुर्गेश कुमार की मौत के मामले में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। जिस लड़की से संबंध होने का आरोप लग रहा था, वह लड़की खुलकर सामने आई और उसने एसपी ऑफिस पहुंचकर खुद को पीड़िता बताते हुए कहा कि लोको पायलट के परिवार वाले बहुत ही प्रभावशाली और संपन्न परिवार के हैं। हमारा परिवार गरीब है। पीड़िता के अनुसार उसके पिता की थोड़ी सी मदद कर लोको पायलट संपर्क बना लिया था और पीड़िता से लगातार बातचीत करने की कोशिश करता था। परिवार के सामने अपनी छवि अच्छी कर पीड़िता को बात करने के लिए बार-बार दबाव डालता था। पीड़िता भी इसी सब में बात करने लगी। लोको पायलट अपनी मनमानी करता था। 3 साल तक उसने संबंध बनाया था। आरोपी बनाए गए ज्ञानेंद्र मिश्रा का इस घटना में कोई रोल नहीं है। जबरन उनको दोषी बनाया गया है। उनके स्कूल में पीड़िता पढ़ती थी और मृतक लोको पायलट पढ़ाता था। बाद में उसकी नौकरी लग गई। वहीं पीड़िता भी कहीं और पढ़ने लगी। इसके बाद भी लोको पायलट लगातार पीड़िता का किसी ने किसी बहाने पीछा करता रहा। अंत में जब उसकी मनमानी नहीं चलने लगी तब वह आत्महत्या करने की धमकी देने लगा। लगातार कॉल करता था। लगातार मैसेज भेजता था। इसके बाद अंतत उसने आत्महत्या भी कर ली। पीड़िता के परिवार को गलत तरीके से फंसाया गया है। ज्ञानेंद्र मिश्रा तो एकदम इस मामले में कहीं नहीं है। वह दोनों पक्षों के परिचित होने के कारण केवल समझाने गए थे। लोको पायलट के परिवार वालों के दबाव के चलते गरीब परिवार के लोगों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसी मामले को लेकर पीड़िता ने गुहार लगाई है।






















































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