मोमबत्तियों की रोशनी में उमड़ा जनसैलाब, ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, चारों खिलाड़ियों का नाम रहेगा’ के नारों से गूंजा भागलपुर
•हजारों लोगों ने कैंडल मार्च निकाल दिवंगत क्रिकेट खिलाड़ियों को दी श्रद्धांजलि
देवरिया। भागलपुर,मईल थाना क्षेत्र में भागलपुर से बलिया उत्तर तक पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में चार युवा क्रिकेट खिलाड़ियों की मौत से पूरा क्षेत्र गमगीन है। अपने साथी खिलाड़ियों की याद में सोमवार की शाम भागलपुर में भावुक कैंडल मार्च निकाला गया। रात करीब 7:30 बजे कैंडल मार्च बलिया उत्तर स्थित इरफान अंसारी के घर पहुंचा। मित्र पवन भागलपुरिया के नेतृत्व में निकले इस मार्च में हजारों की संख्या में युवाओं, खिलाड़ियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने शामिल होकर दिवंगत इरफान अंसारी, अनिकेत सिंह, आनंद यादव और नित्य प्रजापति को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।
हाथों में जलती मोमबत्तियां और दिलों में अपने साथियों को खोने का दर्द लिए लोग भागलपुर से बलिया उत्तर तक पहुंचे। पूरे रास्ते ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, नित्य तेरा नाम रहेगा’, ‘आनंद तेरा नाम रहेगा’, ‘अनिकेत तेरा नाम रहेगा’ और ‘इरफान तेरा नाम रहेगा’ जैसे भावुक नारों से माहौल गूंजता रहा। युवाओं ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए। अपने प्रिय साथियों की याद में उमड़े जनसैलाब को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। मार्च के दौरान पुलिस प्रशासन भी साथ-साथ लगा रहा और कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहा।
इरफान अंसारी के घर पहुंचने पर श्रद्धांजलि का दृश्य और भी भावुक हो गया। जिस क्रिकेट पिच पर इरफान अपने साथियों के साथ खेला करते थे, वहां उनका शर्ट, बैट, स्टंप और खेल से जुड़ी अन्य वस्तुएं रखी गई थीं। इन वस्तुओं को देखकर साथी खिलाड़ी अपने आंसू नहीं रोक सके। सभी ने दिवंगत खिलाड़ियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इस दौरान रजनीकांत, रविंदर, अभिषेक, राजन, आर्यन, सुशील, सुनील, रामनाथ और शुभम सहित क्षेत्र के अनेक युवाओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। समाजसेवी जगत जायसवाल, संदीप, उदय प्रताप सिंह, संतोष सैनी, संजीत साहनी, प्रशांत सिंह, अमरेश, सत्यम, भोला, प्रिंस, उमंग, उमेद, असगर, प्रहलाद, विनय, जितेंद्र, इमरान, हजरत, इरशाद, संतोष, गोविंद, अंगूर, मनन, अनिल, ओमप्रकाश और बबलू सहित तमाम लोगों ने भी पुष्पांजलि अर्पित की।
चारों युवक क्रिकेट के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे थे। उनकी असमय मौत ने परिवारों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। कैंडल मार्च में शामिल युवाओं के लिए यह केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपने उन साथियों के प्रति प्रेम, सम्मान और अटूट रिश्ते का प्रतीक बन गया, जिनके साथ उन्होंने मैदान पर अनेक यादगार पल बिताए थे।
मोमबत्तियों की रोशनी और गूंजते नारों के बीच लोगों ने भावुक मन से अपने साथियों को याद किया। सभी की जुबां पर एक ही संदेश था—खिलाड़ी भले ही हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें और उनके नाम हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे।























































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