इलाहाबाद हाईकोर्ट बार के महासचिव तक का सफर, संतोष कुमार मिश्रा ने कड़ी मेहनत विश्वास से किया हासिल
देवरिया।देवरिया जनपद के सलेमपुर तहसील एवं लार थाना क्षेत्र के अमौना मिश्र गांव निवासी अधिवक्ता संतोष कुमार मिश्रा, पुत्र स्वर्गीय राम किशोर मिश्र, ने अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी के दम पर इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित महासचिव का महत्वपूर्ण पद हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से अमौना मिश्र गांव से लेकर देवरिया और अधिवक्ता समाज में खुशी का माहौल है।
संतोष कुमार मिश्रा वर्ष 2001 से इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस कर रहे हैं। लंबे समय तक उन्होंने पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ वकालत करते हुए अधिवक्ताओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2010 में उन्होंने ज्वाइंट सेक्रेटरी एडमिनिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी भी संभाली। इसके बाद लगातार अधिवक्ताओं के बीच सक्रिय रहते हुए उन्होंने संगठनात्मक कार्यों में अपनी भूमिका निभाई और आज इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव पद तक पहुंचे हैं।
ग्रामीण अंचल के प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुई शिक्षा
संतोष कुमार मिश्रा की प्रारंभिक शिक्षा उनके पैतृक गांव अमोना मिश्र के प्राथमिक विद्यालय से हुई। इसके बाद कक्षा छह की पढ़ाई मझौलिया गांव के विद्यालय से की। जूनियर स्तर की शिक्षा उन्होंने गांधी जूनियर स्कूल, नगर पालिका देवरिया से पूरी की।
इसके बाद उन्होंने बीआरडी इंटर कॉलेज, देवरिया से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। इंटर के बाद उन्होंने गोरखपुर महाविद्यालय में प्रवेश लिया, जहां से उच्च शिक्षा के साथ-साथ कानून की पढ़ाई भी पूरी की। शिक्षा से लेकर वकालत तक उनका सफर निरंतर संघर्ष, अनुशासन और मेहनत से आगे बढ़ता रहा।
अधिवक्ताओं के हितों को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
महासचिव पद पर निर्वाचित होने के बाद संतोष कुमार मिश्रा ने अधिवक्ताओं के हितों को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान अधिवक्ताओं से किए गए वादों को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया जाएगा।
उन्होंने अधिवक्ताओं और उनके परिवारों के बेहतर इलाज के लिए एसआरएन, बेली और काल्विन अस्पतालों में अलग काउंटर की व्यवस्था कराने का प्रयास करने की बात कही। इसके साथ ही अधिवक्ताओं एवं उनके परिजनों के लिए कैशलेस उपचार की सुविधा और विशेष हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों एवं अस्पताल प्रबंधन से वार्ता करने की बात कही है।
हाईकोर्ट के आसपास जाम की समस्या को लेकर भी उन्होंने जल्द ही जिले के उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर यातायात व्यवस्था को बेहतर कराने का प्रयास करने की बात कही। वहीं चेंबर आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए युवा और जरूरतमंद अधिवक्ताओं को प्राथमिकता दिलाने का भी भरोसा दिया।
संतोष कुमार मिश्रा की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सामान्य पारिवारिक और ग्रामीण परिवेश से की और गांव के प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बाद कानून के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2004 से हाईकोर्ट में लगातार प्रैक्टिस करते हुए उन्होंने करीब दो दशक के अनुभव और संगठनात्मक सक्रियता के आधार पर अधिवक्ताओं का विश्वास हासिल किया।
उनके महासचिव निर्वाचित होने से उनके पैतृक गांव अमोना मिश्र और पूरे देवरिया जनपद में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव की मिट्टी में पले-बढ़े व्यक्ति का इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जैसे प्रतिष्ठित संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंचना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
संतोष कुमार मिश्रा ने अपनी सफलता का श्रेय अधिवक्ताओं के विश्वास और सहयोग को देते हुए सभी समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जिन अधिवक्ताओं ने उन पर भरोसा जताया है, उनके हितों और समस्याओं के समाधान के लिए वह हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।




















































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