पांडवों की धर्मनिष्ठा और परीक्षित जन्म की अद्भुत कथा से भावविभोर हुआ महराजगंज
•दूसरे दिन श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब, आचार्य अनूप पाण्डेय जी महाराज ने सुनाई प्रेरणादायक गाथा
महराजगंज में चल रहे संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के दूसरे दिन बुधवार को श्रद्धालु पांडवों की धर्मनिष्ठा और राजा परीक्षित के दिव्य जन्म प्रसंग को सुन भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्ति रस में डूबा नजर आया।
वृन्दावन धाम से पधारे परम पूज्य आचार्य अनूप पाण्डेय जी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं मधुर प्रवचन में पांडवों के जीवन संघर्ष, सत्य और धर्म के प्रति उनकी अटूट आस्था का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी पांडवों ने कभी धर्म का साथ नहीं छोड़ा, यही उन्हें महान बनाता है।
कथा के दौरान राजा परीक्षित के जन्म का प्रसंग सुनाते हुए आचार्य जी ने कहा कि यह जन्म केवल एक राजा का नहीं, बल्कि धर्म की पुनर्स्थापना का प्रतीक था। उन्होंने गर्भ में ही भगवान की कृपा से रक्षा पाने वाले परीक्षित की कथा को जीवन में आस्था और विश्वास की मिसाल बताया।
जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में लीन होते चले गए। भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा।
इस अवसर पर मुख्य आयोजक सभासद पवन कुमार ने बताया कि कथा के प्रत्येक दिन अलग-अलग प्रेरणादायक प्रसंगों के माध्यम से लोगों को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजन स्थल पर भव्य सजावट और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया है। क्षेत्र ही नहीं, आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।मुख्य आयोजक पवन कुमार (सभासद) एवं सह-आयोजक शिवपूजन गुप्ता, रामनवमी जायसवाल और अनूप कुमार गुप्ता ‘पिलाऊ’ ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

























































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