यूजीसी रेगुलेशन लागू करने के लिए निज़ामाबाद में हुआ प्रदर्शन
निज़ामाबाद, आजमगढ़। 18 फ़रवरी 2026। यूजीसी इक्विटी नियमावली लागू करने की मांग को लेकर किसान संगठनों और नागरिक समाज ने जुलूस निकालकर राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी निज़ामाबाद को सौंपा। यूजीसी रेगुलेशन लागू करो, जाति जनगणना कराओ, न्याय पालिका में प्रतिनिधित्व की गारंटी करो, रोहित वेमुला अमर रहें, पायल ताड़वी अमर रहें के नारे लगाते हुए तहसील गेट पर सभा की। इस मौके पर जनकवि काशीनाथ यादव ने यूजीसी कानून जल्द लागू करो, वरना बेईमान कुर्सी खाली करो गीत गाया।
वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी के अपने आँकड़े ही बताते हैं कि 2019 से 2024 के बीच विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतों में 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस लिहाज से विश्वविद्यालयों-कॉलेजों को जाति भेदभाव व उत्पीड़न से मुक्त बनाने की दिशा में यूजीसी इक्विटी नियमावली न्यूनतम कोशिश है। इसे तत्काल लागू किया जाए। सामाजिक न्याय के लिए ठोस व सुसंगत नीतियां व योजनाएं बने, इसके लिए जरूरी है कि जाति जनगणना हो। जाति जनगणना की घोषणा के बाद अभी जारी जनगणना फॉर्म में जाति का कॉलम नहीं है, जाति जनगणना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सामाजिक न्याय के सवालों पर न्यायालय के रवैये पर वक्ताओं ने कहा कि भारत की न्यायपालिका, विशेषकर संविधान पीठों में, सामाजिक विविधता एवं प्रतिनिधित्व का अभाव लोकतंत्र की आत्मा को कमजोर करता है। ऐसे में संविधान पीठ में अनिवार्य रूप से एसटी-एससी व ओबीसी को सम्मिलित किया जाना चाहिए और न्यायपालिका में एससी-एसटी व ओबीसी के प्रतिनिधित्व की गारंटी होनी चाहिए।
सभा को किसान नेता राजीव यादव, वीरेंद्र यादव, पूर्व फ़ौजी चंद्रेश यादव, कलीम जामई, अधिवक्ता रामचेत यादव, सत्यम प्रजापति, डॉ. राजेंद्र यादव, अधिवक्ता चंद्रेश राम, नदीम अहमद ने सम्बोधित किया।
प्रदर्शन में परवेज अहमद, हीरालाल यादव, दिनेश मौर्या, अधिवक्ता विनोद यादव, तारिक शफीक, अवधेश यादव, नन्दलाल यादव, ज्ञानचंद्र यादव, रविकांत पाठक, भुवाल प्रजापति, रमेश, डीपी यादव, रामप्रवेश यादव, मोहम्मद अज्जू, अकरम अहमद आदि लोग मौजूद रहे।
अस्वस्थ होते हुए भी कामरेड हरिमंदिर पाण्डेय ने कार्यक्रम में पहुंचकर समर्थन दिया। सभा का संचालन सोशलिस्ट किसान सभा महासचिव राजीव यादव ने किया















































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