आजमगढ़ में नवरात्र के पहले दिन निकली महिला सशक्तिकरण रैली, 800 से अधिक महिलाओं ने लिया हिस्सा
•मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन एवं कानूनी अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक
आजमगढ़। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिवस पर रविवार को आजमगढ़ में महिला सशक्तिकरण और जागरूकता का संदेश देने के लिए मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत भव्य रैली निकाली गई। पुलिस लाइन आजमगढ़ से निकली इस रैली में 800 से अधिक महिलाओं, छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स और विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
रैली को अपर जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी लालगंज आस्था जायसवाल तथा क्षेत्राधिकारी सदर कौस्तुभ त्रिपाठी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी रैली
महिला सशक्तिकरण रैली पुलिस लाइन से प्रारंभ होकर चौकी सिविल लाइंस, कलेक्ट्रेट भवन, अग्रसेन चौराहा और घंटाघर होते हुए पुनः पुलिस लाइन पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। रैली के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने, अधिकारों की जानकारी रखने और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दिया गया।
सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा। साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनने और विपरीत परिस्थितियों में निडर होकर पुलिस तथा संबंधित विभागों से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने रैली के माध्यम से समाज में महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने का संदेश दिया।
विभिन्न विभागों और शिक्षण संस्थानों की रही भागीदारी
इस आयोजन में जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलेन्द्र कुमार तथा चाइल्डलाइन से संत शाही मौजूद रहे। इसके अलावा महादेवी विद्यालय सिधारी और सेंट जेवियर्स स्कूल के विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स, नर्सिंग स्टूडेंट्स तथा मिशन शक्ति से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों ने भी सहभागिता की।
यातायात निरीक्षक संजय कुमार पाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
महिला जागरूकता का दिया संदेश
रैली के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को संदेश दिया गया कि वे किसी भी तरह के उत्पीड़न, दुर्व्यवहार या असुरक्षा की स्थिति में चुप न रहें, बल्कि निडर होकर अपनी बात रखें और जरूरत पड़ने पर पुलिस व संबंधित विभागों की मदद लें।
नवरात्र के प्रथम दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित किया। मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करने और समाज में सुरक्षित वातावरण के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाने का संदेश दिया गया।
GGS NEWS 24 | आजमगढ़




















































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