कंस वध व रुक्मिणी विवाह की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु।
देवरिया।करायल शुक्ल : ससरांव गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ के छठवें दिन कथा व्यास आचार्य मनमोहन मिश्र ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का मनमोहक वर्णन किया। कथा के दौरान कंस वध, भ्रमर गीत, कालयवन वध और रुक्मिणी विवाह के प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा व्यास आचार्य मनमोहन मिश्र ने महारास की व्याख्या करते हुए बताया कि महारास जीव और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। वहीं भ्रमर गीत के माध्यम से गोपियों के निश्छल प्रेम व भक्ति का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने आगे कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म, पाप और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर पापियों का संहार करते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं। कालयवन व कंस वध के प्रसंग में उन्होंने धर्म की विजय का संदेश दिया।
रुक्मिणी विवाह का प्रसंग आते ही कथा पंडाल उत्सव के रंग में रंग गया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की और भजनों पर झूमकर विवाहोत्सव की खुशियां मनाईं। कथा के समापन पर महाआरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर रवि सिंह, रमेश सिंह, इंदु सिंह, अवधकिशोर पाण्डेय, कामेश्वर पांडेय आदि लोग मौजूद रहे।
























































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