सीएसआईआर-नेट में शिवांश उपाध्याय ने देशभर में 119वीं रैंक किया हासिल शानदार सफलता पर लोगों ने दी बधाई
देवरिया।बरहज तहसील क्षेत्र के ग्राम चकरा उपाध्याय निवासी एवं मालवीय समाज के होनहार युवा शिवांश उपाध्याय ने प्रतिष्ठित सीएसआईआर-यूजीसी नेट की गणितीय विज्ञान विषय की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए देशभर में 119वीं रैंक प्राप्त की है। शिवांश ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप के साथ सहायक प्राध्यापक पद के लिए भी पात्रता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गांव और समाज में खुशी का माहौल है।
शिवांश को शुरू से ही गणित विषय में विशेष रुचि रही है। उनके पिता श्री सत्येंद्र उपाध्याय ने बचपन से ही उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया और बेहतर शिक्षा के लिए उन्हें अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय में पढ़ाया। शिवांश ने कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई नव जीवन मिशन विद्यालय, सोनूघाट, देवरिया से पूरी की।
इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वर्ष 2023-25 में गणित विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। गणित के प्रति अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने सीएसआईआर-नेट की तैयारी शुरू की। खास बात यह रही कि शिवांश ने बिना किसी कोचिंग के केवल इंटरनेट पर उपलब्ध अध्ययन सामग्री, स्वअध्ययन और नियमित अभ्यास के बल पर परीक्षा की तैयारी की।
सीएसआईआर-नेट परीक्षा में शिवांश ने 200 में से 77.50 अंक प्राप्त किए और 98.0612081 प्रतिशत तक हासिल किया। उनकी मेहनत और निरंतर अभ्यास का परिणाम रहा कि उन्होंने देशभर में 119वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
इस सफलता के बाद शिवांश अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से शोध की पढ़ाई करने के लिए प्रवेश हेतु आवेदन कर रहे हैं। उनका लक्ष्य गणित एवं शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए नई उपलब्धियां हासिल करना है।
शिवांश ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत, नियमित अभ्यास और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता श्री सत्येंद्र उपाध्याय ने शुरू से ही उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। पिता के निरंतर प्रोत्साहन और मार्गदर्शन ने उन्हें अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
शिवांश की सफलता से उनके पिता श्री सत्येंद्र उपाध्याय सहित परिजन, रिश्तेदार, मित्र और गांव के लोग बेहद प्रसन्न हैं। लोगों ने शिवांश को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अगला लक्ष्य: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से शोध की पढ़ाई करना है।


























































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