अन्ना की दहाड़ से झुका बिजली विभाग: खड़ी फसल में तार खिंचाई पर लगी रोक, किसानों को मुआवजे का आश्वासन
गौराबादशाहपुर (जौनपुर)। गौराबादशाहपुर क्षेत्र के दशरथा-बघन्द्रा गांव में बिजली विभाग की ओर से खड़ी फसल के बीच हाई वोल्टेज तार खींचने के विरोध में किसानों का आंदोलन आखिरकार सफल हो गया। समाजसेवी जज सिंह अन्ना के नेतृत्व में चल रहे सत्याग्रह और ग्रामीणों के तीखे विरोध के बाद बिजली विभाग को अपना फैसला बदलना पड़ा।
भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर पहुंचे ट्रांसमिशन विभाग के एसडीओ सचिन्द्र जायसवाल ने घोषणा की कि किसानों की फसल को देखते हुए फिलहाल हाई वोल्टेज लाइन खींचने का काम तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
फसल कटने तक नहीं होगा काम
धरने पर बैठे अन्ना और किसानों की मुख्य मांग थी कि जब तक खेतों में खड़ी फसल की कटाई नहीं हो जाती, तब तक बिजली लाइन बिछाने का काम रोका जाए। किसानों का कहना था कि इससे उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो रही है और गरीब व बटाई पर खेती करने वाले परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो रहा है।
अधिकारियों ने किसानों की मांग को उचित मानते हुए फसल कटने के बाद ही कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया।
मुआवजे की मांग पर अन्ना सख्त
अन्ना ने केवल काम रुकवाने पर ही संतोष नहीं जताया, बल्कि पिछले लगभग 11 किलोमीटर क्षेत्र में हुई फसल क्षति के लिए उचित मुआवजे की भी मांग उठाई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि प्रभावित किसानों को पूरा मुआवजा नहीं मिला तो मामले को हाईकोर्ट तक ले जाया जाएगा और आंदोलन फिर तेज किया जाएगा।
शक्ति भवन लखनऊ से होगा भुगतान
अधिकारियों ने बताया कि जिन किसानों की फसल क्षतिग्रस्त हुई है, उनसे मुआवजा फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। सभी आंकड़े एकत्र होने के बाद शक्ति भवन, लखनऊ के माध्यम से एक से दो महीने के भीतर प्रभावित किसानों के खातों में मुआवजे की राशि भेज दी जाएगी।
फिलहाल खत्म हुआ धरना, संघर्ष जारी
प्रशासन के आश्वासन और काम रुकने के बाद अन्ना ने फिलहाल धरना समाप्त करने की घोषणा की, लेकिन कहा कि जल्द ही जिलाधिकारी जौनपुर को ज्ञापन देकर मुआवजा प्रक्रिया की निगरानी कराई जाएगी ताकि किसानों के साथ किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से राजपति यादव, श्रीपत, बबलू, रामचंद्र, विकास यादव, विशाल, लालू, विजेंद्र, राधे, सत्यम यादव सत्या, राज, बाबू, मोदी, लल्लन, रिंटू, कल्लू, पप्पू, लालसाहब, प्रिंस, रामकेश कुरेथू, सत्यम कुरेथू, विजय, विकास, अमन, ग्राम प्रधान नीरज यादव, पूर्व प्रधान राजेंद्र यादव, सुभाष कुमार, रामकुमार, फूलचंद और विजय बहादुर सहित कई किसान शामिल रहे।


























































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