जीवित्पुत्रिका व्रत को लेकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश, हस्तक्षेप से शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई पूजा
बिलरियागंज आजमगढ़।जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत को लेकर बिलरियागंज में शनिवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब मौलाना जौहर अली पार्क, जिसे अब स्थानीय स्तर पर झंडा पार्क के नाम से भी जाना जाता है, में वर्षों से चली आ रही पूजा को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और वीडियो-ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा धार्मिक आयोजन को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया गया और यह संदेश फैलाया गया कि इस बार पार्क में पहले की तरह पूजा नहीं होने दी जाएगी।
जीवित्पुत्रिका व्रत महिलाओं द्वारा अपनी संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है।
बताया जा रहा है कि पूजा को लेकर विवाद की आशंका के बीच मामला पुलिस और खुफिया तंत्र तक पहुंचा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए एलआईओ तथा अन्य जिम्मेदार लोगों ने मामले में हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया। अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की सूझबूझ के बाद महिलाओं को परंपरागत तरीके से पूजा करने का अवसर मिला।
इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने पार्क में पहुंचकर विधि-विधान से जीवित्पुत्रिका व्रत की पूजा की। महिलाओं ने अपने पुत्रों के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की। पूजा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय लोगों के अनुसार पूजा को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और ऑडियो वायरल किए गए थे। इनमें कथित तौर पर यह बात कही जा रही थी कि पार्क में पहले की तरह पूजा नहीं होगी। इससे महिलाओं और स्थानीय लोगों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हुई। लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजन को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह या विवाद से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता था।
हालांकि समय रहते पुलिस प्रशासन और स्थानीय जिम्मेदार लोगों की सक्रियता से स्थिति बिगड़ने से बच गई और पूजा शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई।
थानाध्यक्ष की भूमिका पर उठे सवाल
पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर बिलरियागंज थानाध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस को पहले से ही स्पष्ट व्यवस्था करनी चाहिए थी, ताकि पूजा को लेकर किसी प्रकार का भ्रम या विवाद उत्पन्न न हो। वहीं, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की स्थिति में उसका पक्ष भी खबर में शामिल किया जाना आवश्यक होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजन किसी भी समुदाय या राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनना चाहिए। उनका कहना है कि वर्षों से चली आ रही पूजा को शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने में प्रशासन, एलआईओ और जिम्मेदार नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
पूजा सम्पन्न होने के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य रही। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में धार्मिक आयोजनों को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक वीडियो या ऑडियो के प्रसार पर समय रहते संज्ञान लिया जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

























































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