Politics News / राजनीतिक समाचार

आकाश आनंद के खिलाफ मायावती ने की बड़ी कार्रवाई, राजनीतिक गलियारे में मची हलचल


लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने मंगलवार को उत्तराधिकारी आकाश आनंद को दोनों महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया है। आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर और बसपा प्रमुख मायावती की उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। मायावती ने इस बात की

2. इसी क्रम में पार्टी में, अन्य लोगों को आगे बढ़ाने के साथ ही, श्री आकाश आनन्द को नेशनल कोओर्डिनेटर व अपना उत्तराधिकारी घोषित किया, किन्तु पार्टी व मूवमेन्ट के व्यापक हित में पूर्ण परिपक्वता (maturity) आने तक अभी उन्हें इन दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है।

— Mayawati (@Mayawati) May 7, 2024

जानकारी अपने एक्स हैंडल पर दी। उन्होंने लिखा, मूवमेंट के व्यापक हित से पूर्ण परिपक्वता ना होने की वजह से उन्हें दोनों पदों के अहम जिम्मेदारी पद पर से हटाया जाता है।

 

 बसपा सुप्रीमो ने लिखा, विदित है कि बीएसपी एक पार्टी के साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान तथा सामाजिक परिवर्तन का भी मूवमेन्ट है जिसके लिए मान्य. कांशीराम जी व मैंने खुद भी अपनी पूरी ज़िन्दगी समर्पित की है और इसे गति देने के लिए नई पीढ़ी को भी तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में पार्टी में, अन्य लोगों को आगे बढ़ाने के साथ ही, आकाश आनंद को नेशनल कोओर्डिनेटर व अपना उत्तराधिकारी घोषित किया, किन्तु पार्टी व मूवमेन्ट के व्यापक हित में पूर्ण परिपक्वता आने तक अभी उन्हें इन दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है। 

जबकि इनके पिता आनन्द कुमार पार्टी व मूवमेन्ट में अपनी जिम्मेदारी पहले की तरह ही निभाते रहेंगे। अतः बीएसपी का नेतृत्व पार्टी व मूवमेन्ट के हित में एवं बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर के कारवां को आगे बढ़ाने में हर प्रकार का त्याग व कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटने वाला है।

कौन हैं आकाश आनंद? आकाश आनंद बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे हैं। आकाश आनंद 28 साल के हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा नोएडा में हुई और फिर लंदन से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। बीते साल मार्च में मायावती ने उनकी शादी बहुत धूमधाम से की थी। पार्टी के ही वरिष्ठ नेता अशोक सिद्धार्थ की बेटी प्रज्ञा उनकी पत्नी हैं। आकाश पहली बार 2017 में सार्वजनिक मंचों पर नजर आए। सबसे पहली बार उनको मायावती के साथ सहारनपुर में एक सभा के दौरान देखा गया। उसके बाद मायावती ने लखनऊ में एक बैठक के दौरान उनका परिचय कराया था। इसके बाद से आकाश आनंद का कद पार्टी में धीरे-धीरे बढ़ता गया। आकाश से उत्तराधिकार वापस लेने की सबसे बड़ी वजह क्या? सीतापुर में एक चुनावी रैली में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद और चार अन्य के खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, जिला प्रशासन द्वारा दिन की शुरुआत में रैली में आनन्‍द के भाषण का स्वत: संज्ञान लेने के बाद यह कार्रवाई की गई। बसपा नेता ने अपने भाषण में कहा था, 'यह सरकार बुलडोजर सरकार और गद्दारों की सरकार है। जो पार्टी अपने युवाओं को भूखा छोड़ती है और बुजुर्गों को गुलाम बनाती है वह आतंकवादी सरकार है।' प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बसपा ने बिना कोई कारण बताए पिछले दिनों आकाश आनन्द की सभी प्रस्तावित रैलियों को स्थगित कर दिया था। आकाश आनंद ने 6 अप्रैल को नगीना लोकसभा सीट से अपनी पार्टी का अभियान शुरू किया था। बाद में, उन्होंने आगरा, बुलंदशहर, मथुरा, वाराणसी, गोरखपुर, अंबेडकर नगर, आजमगढ़ और कौशांबी सहित पश्चिम और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई रैलियों को संबोधित किया। आकाश आनंद को बीएसपी का स्टैंड क्लीयर करना महंगा पड़ा? लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मात देने के लिए कांग्रेस समेत कुछ अहम विपक्षी दलों ने बीते साल इंडिया गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने का ऐलान किया था।

इंडिया गठबंधन में अधिकांश राज्यों की क्षेत्रीय पार्टियां शामिल हैं। लेकिन बीएसपी ने इंडिया गठबंधन से आखिर तक दूरी बनाई रखी। साथ ही एनडीए में शामिल होने से भी इनकार किया। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मायावती एनडीए और इंडिया एलायंस के बीच बीएसपी को स्थिर रखकर आगे बढ़ने का प्रयास कर रही थीं। मायावती ने कभी भी बीजेपी के खिलाफ मुखर होकर कोई बयान नहीं दिया। वहीं इस बीच बीएसपी के इंडिया एलायंस में जाने की अटकलें भी बीच-बीच में तेज होती रहीं। मायावती बैलेंस पॉलिटिक्स करके हवा का रुख भांपने की कोशिश में लगी थीं। लेकिन इस बीच आकाश आनंद की एंट्री होती है और वह बीएसपी की रैलियों में बीजेपी के खिलाफ मुखर हो जाते हैं। आकाश आनंद का बीजेपी के खिलाफ तीखा रुख मायावती की रणनीति को प्रभावित कर रहा था। आकाश आनंद बीजेपी का स्टैंड क्लीयर करके मायावती की रणनीति पर पानी फेरने लगे थे। शायद यही वजह है कि मायावती ने आकाश आनंद को पूर्ण परिपक्व न होने तक अहम पदों की जिम्मेदारी से हटा दिया है।


Leave a comment

Educations

Sports

Entertainment

Lucknow

Azamgarh